BY
Yoganand Shrivastava
NDA Meeting Bharat Mandapam PM Modi दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों के शीर्ष नेता मौजूद रहे। इस गंभीर राजनीतिक बैठक के बीच एक बेहद दिलचस्प और आत्मीय वीडियो सामने आया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के कद्दावर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी प्रधानमंत्री मोदी के लिए कोलकाता की मशहूर ‘झालमुरी’ लेकर पहुंचे। इसके बाद पीएम मोदी ने खुद भी झालमुरी खाई और अपने हाथों से एनडीए के अन्य साथी नेताओं को भी यह चटपटा स्नैक परोसा।
NDA Meeting Bharat Mandapam PM Modi नेहरू का रिकॉर्ड टूटने पर एनडीए नेताओं ने किया पीएम मोदी का सम्मान
NDA Meeting Bharat Mandapam PM Modi यह बैठक एक और ऐतिहासिक वजह से बेहद खास रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का एक बड़ा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। पीएम मोदी अब लगातार सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले भारत के पहले ‘निर्वाचित’ प्रधानमंत्री बन गए हैं। 10 जून 2026 को पीएम मोदी के नाम लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहने का कीर्तिमान दर्ज हो गया, जबकि पंडित नेहरू लगातार 4,398 दिनों तक इस पद पर रहे थे। इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं ने खड़े होकर पीएम मोदी का भव्य सम्मान किया और उन्हें स्मृति चिह्न व उपहार भेंट किए।

NDA Meeting Bharat Mandapam PM Modi सियासी गलियारों में ‘झालमुरी’ की चर्चा और बंगाल चुनाव के मायने
एनडीए की बैठक में झालमुरी परोसे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके खास मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी पीएम मोदी ने वहां झालमुरी खाई थी, जिसके बाद भाजपा ने राज्य में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। दूसरी ओर, इस चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है और पार्टी के भीतर मचे घमासान से वह टूटने की कगार पर पहुँच चुकी है। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी द्वारा पीएम मोदी को झालमुरी खिलाना और पीएम का उसे सभी नेताओं में बांटना बंगाल फतह के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है।
NDA Meeting Bharat Mandapam PM Modi क्या होती है ‘झालमुरी’ और कैसे बनती है?
- नाम का अर्थ: झालमुरी मूल रूप से कोलकाता (पश्चिम बंगाल) का एक बेहद लोकप्रिय और तीखा स्ट्रीट फूड है। बंगाली भाषा में ‘झाल’ का अर्थ तीखा या चटपटा होता है और ‘मुरी’ का अर्थ मुरमुरा (लाई) होता है।
- सामग्री: इसे बनाने के लिए मुरमुरे में कच्चा सरसों का तेल, उबले आलू, बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, भुनी हुई मूंगफली, चना, नमकीन सेव, हरा धनिया और नींबू का रस मिलाया जाता है।
- मसाले: इसके स्वाद को लाजवाब बनाने के लिए इसमें विशेष चाट मसाला, भुना जीरा पाउडर, काला नमक और लाल मिर्च पाउडर का तड़का लगाया जाता है। कोलकाता से निकला यह स्वाद अब पीएम मोदी के मुरीद होने के बाद देश के सियासी गलियारों में भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है।





