मुज़फ्फरनगर: बाबा साहेब अंबेडकर जयंती पर श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Muzaffarnagar: Tribute meeting program on Baba Saheb Ambedkar Jayanti

मुज़फ्फरनगर।
बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती की पूर्व संध्या पर मुज़फ्फरनगर में भव्य श्रद्धांजलि एवं दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कोर्ट रोड स्थित अंबेडकर पार्क में संपन्न हुआ, जहाँ उत्तर प्रदेश सरकार में कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन और बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर भारी संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा, जिन्होंने दीप जलाकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस आयोजन को दीपोत्सव के रूप में मनाया।

इस कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों, और युवा वर्ग की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। चारों ओर दीपों की रौशनी और श्रद्धा से ओतप्रोत वातावरण ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।

अपने संबोधन में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा,

“बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक और समता के अग्रदूत थे। उनका सम्पूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के प्रचार-प्रसार को समर्पित रहा। हमें उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समाज में समरसता और विकास की भावना को आगे बढ़ाना चाहिए।”

इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबा साहेब के योगदानों को याद करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के साथ किया गया।

मुज़फ्फरनगर में आयोजित यह दीपोत्सव कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक चेतना और समानता के मूल्यों को पुनः जागृत करने का माध्यम भी साबित हुआ।

14 अप्रैल का राशिफल: धनु राशि वालों को मिलेगा यात्रा लाभ, जानें अपनी राशि का भविष्य

COMEDK UGET 2026 Result जारी, comedk.org पर डाउनलोड करें Rank Card

COMEDK UGET 2026 नई दिल्ली, कर्नाटक के निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन

Krishna Quotes : भगवान श्रीकृष्ण के 10 उपदेश, हर व्यक्ति को जीवन में अपनाने चाहिए

Krishna Quotes : भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने