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Kulagarh Valley Bridge : मलबे और भारी बोल्डरों से टूटा वैली ब्रिज, तीन सीमांत घाटियों का संपर्क कटा

Kulagarh Valley Bridge मलबे और बोल्डरों से टूटने के बाद का दृश्य

Kulagarh Valley Bridge: पिथौरागढ़/धारचूला। उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले के धारचूला से बड़ी खबर सामने आई है। धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलागाड़ के पास देर रात पहाड़ी से गिरे भारी मलबे और बोल्डरों की चपेट में आने से वैली ब्रिज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुल टूटने के बाद दारमा, व्यास और चौदास घाटियों का धारचूला तहसील मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है।

Kulagarh Valley Bridge: रात दो बजे मलबे और बोल्डरों ने मचाई तबाही

जानकारी के अनुसार, देर रात करीब दो बजे पहाड़ी से अचानक भारी मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर नीचे आ गिरे। इसी दौरान कुलागाड़ स्थित वैली ब्रिज मलबे और पत्थरों की चपेट में आ गया। भारी दबाव के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गया और उस पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई।

Kulagarh Valley Bridge टूटने के बाद धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के दोनों ओर वाहन फंस गए। सीमांत क्षेत्र की ओर आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Kulagarh Valley Bridge: दारमा, व्यास और चौदास घाटियों का संपर्क प्रभावित

वैली ब्रिज टूटने का सबसे बड़ा असर तीन सीमांत घाटियों पर पड़ा है। दारमा, व्यास और चौदास घाटियों से धारचूला मुख्यालय की आवाजाही प्रभावित हो गई है।

स्थानीय ग्रामीणों के लिए तहसील मुख्यालय तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। वहीं आवश्यक सामान और जरूरी सेवाओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है।

Kulagarh Valley Bridge: जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे राहगीर

पुल टूटने के बाद कुछ राहगीर तेज बहाव वाली नदी को पार करते हुए दिखाई दिए। लगातार बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर के बीच इस तरह नदी पार करना बेहद जोखिम भरा है।

Kulagarh Valley Bridge के टूटने से आवाजाही का रास्ता बंद होने के कारण लोगों के सामने फिलहाल सुरक्षित आवागमन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

Kulagarh Valley Bridge: गुंजी-कुटी जाने वाले श्रद्धालु रास्ते में फंसे

कुलागाड़ मार्ग बाधित होने का असर गुंजी और कुटी की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं पर भी पड़ा है। पूजा-पाठ के लिए सीमांत क्षेत्र की ओर जा रहे कई यात्री रास्ते में फंस गए हैं।

मार्ग बंद होने के कारण श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को अब आवाजाही बहाल होने का इंतजार है। प्रशासन और सुरक्षा बल लोगों को सुरक्षित तरीके से निकालने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

Kulagarh Valley Bridge: सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी प्रभावित

कुलागाड़ का मार्ग केवल स्थानीय लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जाता है। पुल टूटने के कारण सीमांत क्षेत्र में सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

हालांकि एसडीआरएफ, एसएसबी और सेना के जवान मौके पर मौजूद हैं। सुरक्षा बल लोगों की सुरक्षित आवाजाही में मदद कर रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Kulagarh Valley Bridge: प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के दिए निर्देश

धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी के मुताबिक, रात करीब दो बजे पहाड़ी से बोल्डर और मलबा आने के कारण कुलागाड़ का वैली ब्रिज टूट गया। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है।

उन्होंने बताया कि आवाजाही सुचारु करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का काम भी शुरू किया जा रहा है। एसडीआरएफ, एसएसबी और सेना के सहयोग से जरूरत के अनुसार लोगों की आवाजाही कराई जा रही है।

Kulagarh Valley Bridge: NH-9 बहाल करने की कोशिश जारी

प्रशासन की टीम मौके पर लगातार निगरानी कर रही है। संबंधित विभागों को जल्द से जल्द वैकल्पिक रास्ता तैयार करने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

Kulagarh Valley Bridge टूटने के बाद NH-9 पर यातायात व्यवस्था को सामान्य करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा अभी भी बना हुआ है।

Kulagarh Valley Bridge: बारिश के बीच बढ़ी चुनौती

लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन के सामने लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क संपर्क जल्द बहाल करने की दोहरी चुनौती है।

फिलहाल प्रशासन, एसडीआरएफ, एसएसबी और सेना की टीमें मौके पर तैनात हैं। तीन सीमांत घाटियों के लोगों, यात्रियों और श्रद्धालुओं को अब सुरक्षित मार्ग खुलने का इंतजार है।

Kulagarh Valley Bridge के टूटने से दारमा, व्यास और चौदास घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ है। अब प्रशासन की प्राथमिकता NH-9 पर यातायात बहाल करना और सीमांत क्षेत्र के लोगों को जल्द राहत पहुंचाना है।

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