BY: Yoganand Shrivastva
Personality Rights Case बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन को व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े चार साल पुराने मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने कहा कि यदि समझौता नहीं हो पाता है और अभिनेता मामले को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें अगली सुनवाई के दौरान अदालत में स्वयं उपस्थित रहना होगा। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है।
समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होने से मामला अधूरा
Personality Rights Case समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, अदालत को बताया गया कि कुछ प्रतिवादियों के साथ मध्यस्थता के जरिए समझौता हो चुका है, लेकिन व्यावहारिक दिक्कतों के कारण अमिताभ बच्चन की ओर से समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हो सके। अदालत ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि समझौता पूरा नहीं होता है, तो अगली सुनवाई में अभिनेता की व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी होगी।
2022 में दायर की थी व्यक्तित्व अधिकारों की याचिका
Personality Rights Case अमिताभ बच्चन ने 25 नवंबर 2022 को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका कहना था कि कुछ लोग उनकी लोकप्रियता का इस्तेमाल बिना अनुमति अपने व्यावसायिक लाभ के लिए कर रहे हैं। याचिका में कथित तौर पर लॉटरी से जुड़ी गतिविधियों में भी उनके नाम के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया गया था। अभिनेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने पक्ष रखा था।
अदालत ने पहले भी दिया था अंतरिम संरक्षण
Personality Rights Case नवंबर 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अमिताभ बच्चन के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि उनकी पहचान, नाम, आवाज और चेहरे का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल कर उत्पादों या सेवाओं का प्रचार करना उनके अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। अब लंबित मामले में समझौते की औपचारिकताएं पूरी होने और आगे की सुनवाई पर ध्यान रहेगा।
अदालत के ताजा निर्देशों के मुताबिक, यदि समझौता पूरा नहीं होता है, तो अमिताभ बच्चन को 16 नवंबर की सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ सकता है।
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