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MP Electricity : ऊर्जा विभाग के संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, बिजली कंपनियों के 6000 संविदाकर्मी होंगे नियमित

MP Electricity Contract Employees Regularization 2026

MP Electricity मध्यप्रदेश बिजली विभाग में काम कर रहे संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है।राज्य सरकार ने पावर कंपनियों में खाली पड़े पदों पर संविदा कर्मचारियों को पक्का यानी नियमित करने का फैसला लिया है।सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 6 हजार संविदा कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा और वे नियमित कर्मचारी बन सकेंगे। ऊर्जा विभाग ने इस प्रक्रिया को 31 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। ऊर्जा विभाग ने इसे संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना-2026 नाम दिया है।

MP Electricity संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की तैयारी, ऊर्जा विभाग के लिए सरकार के आदेश जारी

6,000 संविदा विद्युत कर्मचारियों को विभागीय परीक्षा के माध्यम से नियमित पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।संविदा से नियमित कर्मचारी बनने के लिए कर्मचारियों को एक विभागीय ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी। जो कर्मचारी जितने सालों से सेवा दे रहे हैं, उन्हें परीक्षा में उतने बोनस नंबरों का फायदा मिलेगा। ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मौका केवल एक बार के लिए दिया जा रहा है।सभी बिजली कंपनियों को 31 अक्टूबर तक परीक्षा कराकर, रिजल्ट निकालकर और पूरी चयन प्रक्रिया निपटाकर सरकार को रिपोर्ट सौंपनी होगी।

MP Electricity संविदा कर्मचारियों के लिये ऑनलाइन विभागीय परीक्षा

नियमित होने के बाद कर्मचारियों को अपना पुराना संविदा पद छोड़ना होगा और उन्हें नियमित कर्मचारियों वाला पूरा वेतन और अन्य सभी सरकारी सुविधाएं मिलने लगेंगी। भर्ती प्रक्रिया में लाइन अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर जैसे पदों पर कम से कम 2 साल की सेवा पूरी करने वाले संविदा कर्मी पात्र हैं। बहरहाल सरकार के इस फैसले से ऊर्जा विभाग के संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।

MP Electricity बिजली कंपनियों के 6000 संविदाकर्मी होंगे नियमित

• संविदा कर्मचारियों को एक विभागीय ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी।
• परीक्षा कुल 100 नंबरों की होगी, सामान्य वर्ग को कम से कम 50% लाना जरूरी।
• एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के कर्मचारियों के लिए कटऑफ 40 नंबर।
• जो कर्मचारी जितने सालों से सेवा दे रहे हैं, उन्हें परीक्षा में उतने बोनस नंबरों का फायदा मिलेगा।
• अनुभव के आधार पर अधिकतम 30 बोनस नंबर दिए जाएंगे

• पहले 2 साल के अनुभव पर 10 नंबर मिलेंगे, उसके बाद हर एक साल के अनुभव के लिए 2-2 नंबर जुड़ेंगे।
• लिखित परीक्षा में मिले नंबर और अनुभव के बोनस नंबरों को जोड़कर ही फाइनल मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी।
• पूरी भर्ती परीक्षा को कराने की जिम्मेदारी जबलपुर स्थित पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को दी गई है।
• ऊर्जा विभाग ने यह मौका केवल एक बार के लिए दिया, सभी बिजली कंपनियों को 31 अक्टूबर तक परीक्षा कराना होगा।
• रिजल्ट निकालकर, पूरी चयन प्रक्रिया निपटाकर सरकार को रिपोर्ट सौंपनी होगी।

• नियमित होने के बाद कर्मचारियों को अपना पुराना संविदा पद छोड़ना होगा।
• नियमित कर्मचारियों वाला पूरा वेतन और अन्य सभी सरकारी सुविधाएं मिलने लगेंगी।
• लाइन अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर जैसे पदों पर कम से कम 2 साल की सेवा पूरी करने वाले संविदा कर्मी पात्र हैं।

बिजली कंपनियों में काम करने वाले साढ़े छह हजार से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारी अब नियमित हो सकेंगे। इसके लिए उन्हें ऊर्जा विभाग द्वारा कराई जाने वाली परीक्षा उत्तीर्ण करना होगी। परीक्षा पास करने वाले संविदा कर्मचारी अधिकारी को उनकी संविदा नियुक्ति के आधार पर बोनस अंक दिए जाएंगे जो उनकी मेरिट तय करेगी।प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग ने राज्य विद्युत मंडल की उत्तरवर्ती बिजली कंपनियों में संविदा आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत का फैसला लिया है।

ऊर्जा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी एवं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों तथा मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत पात्र संविदा कर्मचारी इस योजना का लाभ पाएंगे।इसमें संविदा पर काम करने वाले लाइन अटेंडेंट, टेस्टिंग अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर शामिल हैं। इस आदेश के क्रियान्वयन के लिए संबंधित कंपनियों के प्रबंध संचालकों को अधिकृत किया गया है।

संविदा के कौन अधिकारी-कर्मचारी होंगे पात्रयोजना के अंतर्गत केवल वे संविदा कर्मचारी आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने योजना की स्वीकृति तिथि तक संबंधित उत्तरवर्ती कंपनी में कम से कम दो वर्ष की संविदा सेवा पूरी कर ली हो। दो अनुबंधों के बीच का अंतराल सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा, हालांकि उस अवधि को अनुभव में नहीं जोड़ा जाएगा।यदि किसी कर्मचारी की पुनः संविदा नियुक्ति हुई है तो सेवा में अलग रहने की अवधि घटाकर अनुभव की गणना की जाएगी। अनुभव प्रमाण-पत्र कार्यपालन अभियंता स्तर या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। हालांकि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को इस योजना से बाहर रखा गया है।

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