Indian Mother Tongue Festival Bhopal : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित भारत भवन में 14 और 15 सितंबर 2026 को ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ का आयोजन किया जाएगा। भारतीय भाषाओं की विविधता, संस्कृति, जीवन-मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की भावना को केंद्र में रखते हुए आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और कवि शामिल होंगे।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : ‘मातृभाषा, संस्कृति और भारतीय जीवन-मूल्यों पर संवाद’ होगी आयोजन की थीम
‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ का मुख्य विषय ‘मातृभाषा, संस्कृति और भारतीय जीवन-मूल्यों पर संवाद’ रखा गया है। कार्यक्रम का आयोजन वीर भारत न्यास और संस्कृति संचालनालय, मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है।इस आयोजन में भारत भवन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान और मातृभाषा मंच की सहभागिता रहेगी। दो दिनों तक व्याख्यान, भाषाई पत्रकारिता पर विमर्श, कवि सम्मेलन, संत कवियों की वाणी, पूर्वरंग और भारतीय भाषाओं से जुड़ी प्रदर्शनी समेत कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : भारतीय भाषाएं सांस्कृतिक चेतना और लोकस्मृति की संवाहक
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार और वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि भारतीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे देश की सांस्कृतिक चेतना, लोकस्मृति और जीवन-दृष्टि को भी आगे बढ़ाने का कार्य करती हैं।उन्होंने कहा कि इसी विचार को केंद्र में रखते हुए भोपाल में पूर्व वर्ष की परंपरा के अनुसार दो दिवसीय ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में देश की अलग-अलग भाषाओं और बोलियों की विविधता के साथ उनके माध्यम से भारतीय संस्कृति की साझा चेतना को समझने और उस पर संवाद करने का प्रयास किया जाएगा।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : 14 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ
14 सितंबर को शाम 4 बजे कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन के बाद शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक पहला सत्र आयोजित होगा।इस सत्र का विषय ‘मातृभाषा से राष्ट्रभाषा : भाषाओं में भारत की आत्मा’ होगा। इसमें बांग्ला के श्री स्नेहाशीष सूर, हिंदी के श्री श्यामलाल यादव और कश्मीरी के श्री आसिम मोहिउद्दीन अपने विचार साझा करेंगे।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : भाषाई पत्रकारिता और समाज की आवाज पर होगा विमर्श
14 सितंबर को शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक दूसरा सत्र आयोजित किया जाएगा। इसका विषय ‘भाषाई पत्रकारिता, समाज की आवाज़’ रखा गया है।इस सत्र में श्री जयदीप कर्णिक, श्री अतुल तारे और श्री अजय उमट सहभागी होंगे। चर्चा के दौरान भाषाई पत्रकारिता की भूमिका, समाज की आवाज को सामने लाने में क्षेत्रीय भाषाओं के योगदान और बदलते मीडिया परिदृश्य से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देशभर के कवि करेंगे काव्य पाठ
14 सितंबर की शाम 7:30 बजे राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें डॉ. कीर्ति काले, श्री स्वयं श्रीवास्तव, श्री दिनेश दिग्गज, श्री शैलेन्द्र मधुर और श्री अज़हर इकबाल काव्य पाठ करेंगे।इससे पहले उसी दिन शाम 4 बजे ‘पूर्वरंग’ कार्यक्रम में भारतीय भाषाओं और बोलियों के गीतों की प्रस्तुति होगी। भोपाल के श्री उमेश तरकसवार एवं उनके साथी कलाकार इस कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देंगे।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : डिजिटल युग में मातृभाषाओं की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा
15 सितंबर को कार्यक्रम की शुरुआत शाम 4 बजे से होगी। पहले सत्र का विषय ‘डिजिटल युग में मातृभाषाएँ : संकट, संभावना और नई पत्रकारिता’ होगा।इस सत्र में उर्दू के वरिष्ठ संपादक श्री अब्दुल वदूद साजिद, मराठी के श्री किरण शेलार और असमिया के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री समुद्रगुप्त कश्यप अपने विचार रखेंगे। डिजिटल दौर में मातृभाषाओं के सामने मौजूद चुनौतियों, नई संभावनाओं और पत्रकारिता में भाषाई बदलावों पर चर्चा होगी।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : ‘भाषा अनेक, भारत एक’ पर पत्रकार रखेंगे अपने विचार
15 सितंबर को शाम 5:30 बजे से 7 बजे तक दूसरा सत्र आयोजित होगा। ‘भाषा अनेक, भारत एक’ विषय पर होने वाले इस सत्र में मलयालम के श्री मनोज के. दास, श्री सतीश के. सिंह सहित अन्य पत्रकार सहभागी होंगे।इस सत्र में भारत की भाषाई विविधता और अलग-अलग भाषाओं के बावजूद देश की एकता और साझा सांस्कृतिक चेतना पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : ‘संत राग’ में सुनाई देगी संत कवियों की वाणी
15 सितंबर की शाम 7:30 बजे ‘संत राग’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें नई दिल्ली की सुश्री सुधा रघुरामन संत कवियों की वाणी की प्रस्तुति देंगी।संत परंपरा की वाणी के माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को प्रस्तुत किया जाएगा। यह कार्यक्रम दो दिवसीय आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : भारतीय भाषाओं से जुड़ी प्रदर्शनी भी रहेगी आकर्षण का केंद्र
भारत भवन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान शब्द-चित्र और भारतीय भाषाओं से संबंधित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय भाषाओं की विविधता, उनकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और भारतीय परंपरा से उनके संबंध को प्रदर्शित किया जाएगा।आयोजन में साहित्य और भारतीय परंपरा से संबंधित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : इन पुस्तकों का होगा लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान ‘आर्ष भारत खंड-2 : भारतीय चेतना के लोकोत्तर चरित्र’ सहित भारतीय परंपरा के महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों से जुड़ी पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा।इनमें महर्षि पाणिनि, भोजदेव, महर्षि पतंजलि, भर्तृहरि और सम्राट राजेंद्र चोल जैसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों पर केंद्रित पुस्तकें शामिल हैं।इसके अलावा ‘युग-युगीन जल’, ‘उड़ चल अपने देश’, ‘अष्टावक्र गीता’, ‘नारद गीता’, ‘गर्भ गीता’, ‘ब्राह्मण गीता’, ‘उत्तर गीता’, ‘परमहंस गीता’, ‘वृत्र गीता’, ‘हंस गीता’, ‘चंद्र गीता’ और ‘जानकी गीता’ जैसी पुस्तकों का भी लोकार्पण होगा।
Indian Mother Tongue Festival Bhopal : भारतीय भाषाओं की विविधता को एक मंच पर लाने की पहल
दो दिवसीय ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ के जरिए अलग-अलग भारतीय भाषाओं, बोलियों, साहित्य और पत्रकारिता को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में भाषा के साथ संस्कृति, लोकस्मृति, साहित्य, पत्रकारिता और भारतीय जीवन-मूल्यों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद होगा।आयोजकों के अनुसार, भारतीय भाषाओं की विविधता देश की सांस्कृतिक शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस विविधता के माध्यम से भारतीय समाज की साझा चेतना को समझने का अवसर भी मिलता है। भारत भवन में होने वाला यह आयोजन इसी व्यापक विचार को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है।
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