Amruta Fadnavis : महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर जारी आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस का मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अमृता फडणवीस ने मनोज जरांगे को अपना भाई बताते हुए उन्हें घर पर भोजन के लिए आमंत्रित किया।
अमृता फडणवीस का यह निमंत्रण ऐसे समय आया है, जब मनोज जरांगे मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन और उपवास पर हैं। वहीं, जरांगे ने भी इस निमंत्रण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अभी आंदोलन के मैदान में हैं, इसलिए इस समय खाने पर जाना उचित नहीं होगा।
Amruta Fadnavis: अमृता बोलीं- मनोज जरांगे मेरे भाई हैं
नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अमृता फडणवीस से मनोज जरांगे के आंदोलन को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने जरांगे को अपना भाई बताते हुए उन्हें घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करने की बात कही।
अमृता फडणवीस का यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर जरांगे लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं और उनकी मांगों को लेकर आंदोलन जारी है।
Amruta Fadnavis: मनोज जरांगे ने न्योते पर दिया जवाब
अमृता फडणवीस के निमंत्रण पर मनोज जरांगे ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर बहन ने बुलाया है तो वह जरूर जाएंगे, लेकिन अभी आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय उनके लिए संघर्ष का है और ऐसे समय में आंदोलन छोड़कर भोजन के लिए जाना उचित नहीं होगा।
जरांगे ने कहा कि वह भाऊबीज के मौके पर अमृता फडणवीस के घर जरूर जाएंगे। उन्होंने इस दौरान बहन-भाई के रिश्ते का भी जिक्र किया और कहा कि उस अवसर पर वह पारंपरिक साड़ी-चोली लेकर जाएंगे।
Amruta Fadnavis: जरांगे बोले- अभी मराठा समाज के लिए लड़ाई का समय
मनोज जरांगे ने अपने जवाब में कहा कि फिलहाल वह मराठा समाज की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि आंदोलन के बीच ध्यान भटकाना उचित नहीं होगा।
जरांगे ने अमृता फडणवीस के निमंत्रण को उनकी ओर से व्यक्त की गई अच्छी भावना और अपनापन बताया, लेकिन साथ ही कहा कि अभी उनके लिए आंदोलन प्राथमिकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आंदोलन खत्म होने के बाद वह निमंत्रण स्वीकार कर सकते हैं।
Amruta Fadnavis: मराठा आरक्षण को लेकर 13वें दिन भी जारी था आंदोलन
मनोज जरांगे मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक गुरुवार को उनके आंदोलन का 13वां दिन था। वह मराठा समुदाय के लिए कुनबी प्रमाणपत्र और आरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं।
आंदोलन के दौरान जरांगे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत सरकार के कई नेताओं पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि मराठा समाज की मांगों को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
Amruta Fadnavis: आरक्षण पर सीएम देवेंद्र फडणवीस का क्या रुख है?
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मराठा आरक्षण के मुद्दे पर पहले ही सरकार का रुख स्पष्ट कर चुके हैं। उनका कहना है कि मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए संविधान और न्यायालय के फैसलों के दायरे में उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
फडणवीस ने यह भी कहा है कि सरकार किसी दूसरे समुदाय के हिस्से का आरक्षण लेकर किसी अन्य समुदाय को देने के पक्ष में नहीं है और सभी समाजों के साथ न्याय करने की उसकी भूमिका है।
Amruta Fadnavis: अमृता फडणवीस के बयान से सियासी चर्चा तेज
अमृता फडणवीस के इस बयान को ऐसे समय देखा जा रहा है, जब मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में बेहद संवेदनशील बना हुआ है। एक तरफ जरांगे आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं, वहीं सरकार संवैधानिक और कानूनी दायरे में समाधान तलाशने की बात कह रही है।
ऐसे में अमृता फडणवीस का जरांगे को भाई बताते हुए भोजन का न्योता देना और जरांगे का भाऊबीज पर आने की बात कहना राजनीतिक घटनाक्रम के बीच एक अलग तरह की बातचीत का विषय बन गया है।
Amruta Fadnavis: भाऊबीज पर मिलने का वादा, फिलहाल आंदोलन पर फोकस
मनोज जरांगे ने साफ किया है कि वह अमृता फडणवीस के निमंत्रण का सम्मान करते हैं, लेकिन मौजूदा समय में उनका ध्यान मराठा आरक्षण आंदोलन पर है। उन्होंने कहा कि वह बाद में, भाऊबीज के अवसर पर उनके घर भोजन के लिए जाएंगे।
अब इस घटनाक्रम के बीच नजर मराठा आरक्षण आंदोलन और सरकार के बीच आगे होने वाली बातचीत पर रहेगी। अमृता फडणवीस के निमंत्रण और जरांगे के जवाब ने निश्चित तौर पर इस पूरे घटनाक्रम में एक नया मानवीय और राजनीतिक पहलू जोड़ दिया है।
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