Mayawati Akash Anand : आकाश पार्टी से बेदखल, ईशान को बड़ी जिम्मेदारी,बसपा में नया पावर गेम, पुराने-नए नेता आमने-सामने
Mayawati Akash Anand : बहुजन समाज पार्टी याने बसपा में अंदरूनी कलह और केंद्रीय जांच एजेंसियों जैसे ED और CBI के कथित भय को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चाएं होती रही हैं। वर्तमान में पार्टी के भीतर चल रहे शक्ति संघर्ष और विपक्षी आरोपों के बीच पार्टी की स्थिति गड़बड़ाई हुई है। जबकि बसपा ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दरअसल बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बेदखल कर दिया है, जिससे पार्टी के भीतर भारी उथल-पुथल मची हुई है। मायावती ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि आकाश आनंद की स्वतंत्र भूमिका तभी संभव है जब उनके ससुर राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें।उधर आकाश आनंद को ‘अपरिपक्व’ बताकर किनारे किए जाने के बाद, उनके छोटे भाई ईशान आनंद को 15 राज्यों का मुख्य सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया गया है।
Mayawati Akash Anand : इससे पार्टी के भीतर एक नया पावर गेम शुरू हो गया है। इधर पुराने बनाम नए नेताओं के बीच टकराव ने दिल्ली तक शिकायतों का दौर जारी है। आरोप है कि पुराने वफादार कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर कुछ बड़े नेता अपना व्यक्तिगत एजेंडा चला रहे हैं। बात विरोधी दलों के नेताओं की करें तो अक्सर बसपा पर यह आरोप लगाते हैं कि वह केंद्रीय जांच एजेंसियों ED, CBI, Income Tax के दबाव में काम करती है। आरोप ये भी है कि जांच एजेंसियों के डर से बसपा कई संवेदनशील मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख नहीं अपनाती है या चुनावों में त्रिकोणीय मुकाबला बनाकर सत्ताधारी दल को परोक्ष रूप से लाभ पहुंचाती है।अब बसपा में अंदरूनी कलह और जांच एजेंसियों का भय…इसी विषय पर करेंगे चर्चा लेकिन पहले कुछ बयान हैं वो सुन लेते हैं।।।


