Sagar Toxic Liquor : अवैध शराब मामले की होगी न्यायिक जांच,सबकी जवाबदेही तय की जाएगी- मुख्यमंत्री
Sagar Toxic Liquor : एमपी में सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन ने आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बंडा में प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ बड़ा बुलडोजर एक्शन शुरू किया है। बता दें कि बीते रोज सीएम डॉ. मोहन यादव ने सागर पहुंचकर जहरीली शराब मामले की समीक्षा की थी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रशासन ने आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री इस मामले में सख्त हैं, स्पष्ट निर्देश हैं, जिला प्रशासन को फ्री-हैंड है, कि मामले में जो भी दोषी हो उन पर कड़ा एक्शन लिया जाए। साथ ही नए कमिश्नर और आईजी ने भी जिम्मेदारी संभाल ली है। मुख्यमंत्री का मानना है कि किसी भी आपराधिक मामले में लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता में ज़ीरो टालरेंस की नीति है। अब जहरीली शराब कांड पर मुख्यमंत्री एक्शन और कार्रवाई पर चर्चा करेंगे लेकिन पहले देखिये ये रिपोर्ट।।।।
Sagar Toxic Liquor : सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ में जहरीली शराब से मौत के मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सख्त हैं, आरोपियों के घरों पर बुल्डोजर एक्शन से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने से लेकर दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को विदेश दौरे से लौटते ही सागर में अवैध शराब से मौत के मामले में सख्त एक्शन लिया। मुख्यमंत्री ने मामले की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए। साथ ही संदेश दिया कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले में सभी दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद आज पुलिस प्रशासन ने मुख्य आरोपियों मनीष, चंद्रभान और आशीष की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाही और अनियमितता पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। सभी की जवाबदेही तय की जाएगी। मामले में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव दिल्ली से सीधे सागर पहुंचे थे। उन्होंने जिला अस्पताल में मरीजों का हाल जाना और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर जिम्मेदारों और माफियाओं पर कठोरतापूर्वक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को फ्री हैंड दिया है कि वे दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई करें, जिससे भविष्य में कोई ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके।
Sagar Toxic Liquor : इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। साथ ही पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने अवैध शराब नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस को सीमावर्ती राज्यों की पुलिस व अधिकारियों से संपर्क और तालमेल बिठाने को कहा गया है। साथ ही उन्होंने शराब माफियाओं के अवैध अतिक्रमणों और ठिकानों को भी ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मामले को लेकर अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने वालों पर भी पुलिस को नजर रखने और सख्त कदम उठाने को कहा गया है। आपको बता दें कि जहरीली शराब कांड मामले में आरोपियों की धरपकड़ लगातार जारी है। पुलिस ने अब तक कुल 33 आरोपियों में से 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार चल रहे अन्य 17 आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाकर शिकंजा कसा जा रहा है। उधर मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिलीप कुमार ने सागर संभाग के आयुक्त पद की कमान संभाल ली है। साथ ही इरशाद वली को सागर पुलिस रेंज के नए आईजी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।।
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