BY
Yoganand Shrivastava
Mirabai Chanu कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया से मुलाकात की।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने मीराबाई चानू को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष देशभर के युवाओं, विशेषकर पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
Mirabai Chanu संघर्ष से सफलता तक की यात्रा पर हुई चर्चा
मुलाकात के दौरान मीराबाई चानू ने अपने खेल जीवन की प्रेरणादायक यात्रा साझा की और बताया कि किस तरह उन्होंने चुनौतियों का सामना करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की। इस दौरान खेल प्रशिक्षण, पोषण, रिकवरी, फिटनेस प्रबंधन और पर्याप्त आराम जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

सिंधिया ने मीराबाई चानू के कोच, ट्रेनर और फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की विश्वस्तरीय सफलता के पीछे मजबूत सहयोगी टीम, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की अहम भूमिका होती है।
Mirabai Chanu पूर्वोत्तर में विकसित होगा आधुनिक खेल इकोसिस्टम
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए हाई लेवल टास्क फोर्स (HLTF) के माध्यम से व्यापक खेल ढांचा विकसित किया जा रहा है। इसके तहत ‘वन स्टेट, वन स्पोर्ट’ पहल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रत्येक राज्य अपनी प्राकृतिक खेल क्षमता के अनुरूप उत्कृष्टता हासिल कर सके।

उन्होंने कहा कि यह पहल केवल खेल मैदान और भवन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, खेल विज्ञान, पोषण, रिकवरी और खिलाड़ियों के समग्र विकास पर केंद्रित है। इससे पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी और आने वाले समय में कई नए अंतरराष्ट्रीय चैंपियन तैयार होंगे।
मीराबाई चानू के प्रशिक्षक विजय शर्मा ने भी पूर्वोत्तर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की ये पहल जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बड़ा अवसर प्रदान करेगी।
Mirabai Chanu प्रधानमंत्री मोदी के विजन को आगे बढ़ाने का संकल्प
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर विकास संबंधी विजन के अनुरूप खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने, उत्कृष्ट कोचिंग उपलब्ध कराने और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई। साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र की खेल क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया गया।



