Report: Vandna Rawat
Lucknow सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स की अंधी दौड़ में अपनी जान जोखिम में डाल रहे युवाओं को मुख्यमंत्री ने एक भावनात्मक पत्र (पाती) लिखकर आगाह किया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को “रील” और “रियल” जीवन के बीच का अंतर समझने की सलाह देते हुए कहा है कि क्षणिक लोकप्रियता के लिए उठाया गया जोखिम पूरे परिवार के सपनों को उजाड़ सकता है।

Lucknow सोशल मीडिया: सूचना का माध्यम या जान का जोखिम?
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्वीकार किया कि सोशल मीडिया ने विश्व को एक ‘डिजिटल डेमोक्रेसी’ में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स संचार और सूचना के सबसे मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। लेकिन, इसी के साथ इसके दुरुपयोग और रील बनाने की बढ़ती होड़ ने समाज की चिंता भी बढ़ा दी है।

Lucknow खतरनाक स्टंट और सेल्फी पर कड़ा प्रहार
सीएम ने युवाओं द्वारा रील बनाने के लिए अपनाए जा रहे खतरनाक तरीकों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पत्र में प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया:
- रेलवे और हाईवे: रेलवे ट्रैक पर रील बनाना, चलती ट्रेन के दरवाजों पर लटकना और एक्सप्रेसवे पर स्टंट करना जानलेवा साबित हो रहा है।
- ऊंचाई का जोखिम: युवा ऊंची इमारतों, पानी की टंकियों, पुलों और नदियों के किनारे सेल्फी लेने के चक्कर में अपनी जान गंवा रहे हैं।
- मुख्यमंत्री की सीख: सीएम ने दो-टूक कहा कि “लाइक और व्यूज के लिए अपना जीवन दांव पर न लगाएं। रील और रियल जीवन के अंतर को पहचानिए।”
Lucknow अभिभावकों से अपील: बच्चों को रचनात्मकता से जोड़ें
युवाओं को देश और समाज की धरोहर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन पर परिवार और राष्ट्र के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे समाज के प्रति योगदान देकर ‘वास्तविक नायक’ (Real Hero) बनें, न कि डिजिटल दुनिया के आभासी नायक।
साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से भी विशेष अपील की है कि वे अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए लिखा कि एक क्षण की लापरवाही न केवल युवक के लिए घातक है, बल्कि उसके अपनों के सपनों को भी पल भर में तोड़ देती है।

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