सोनम वांगचुक के समर्थन में लेह की सड़कों पर छात्र, पुलिस से झड़प और CRPF वाहन फूंका

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सोनम वांगचुक के समर्थन में लेह की सड़कों पर छात्र, पुलिस से झड़प और CRPF वाहन फूंका

BY: MOHIT JAIN

लद्दाख की राजनीति और भविष्य को लेकर लेह की सड़कों पर माहौल गरमा गया है। छात्रों ने पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया, जो धीरे-धीरे हिंसक हो गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई और गुस्साए छात्रों ने सीआरपीएफ की एक गाड़ी में आग भी लगा दी।

केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी

छात्रों का कहना है कि अब लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश के बजाय पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। यही मांग लेकर वे बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का गुस्सा इतना बढ़ा कि उन्होंने बीजेपी दफ्तर के सामने आगजनी की और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

सुरक्षाबल अलर्ट, लेकिन आक्रोश थमने का नाम नहीं

सड़कों पर हजारों छात्रों की भीड़ देखी जा रही है। पुलिस और सुरक्षाबल पूरी तरह अलर्ट मोड में तैनात हैं, लेकिन छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। प्रदर्शनकारी साफ कह रहे हैं कि जब तक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।

सोनम वांगचुक के समर्थन में आंदोलन

इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्र इसे जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में कर रहे हैं। वांगचुक लंबे समय से लद्दाख की संस्कृति, पर्यावरण और शिक्षा को लेकर सक्रिय रहे हैं और लद्दाख की पहचान से गहराई से जुड़े हैं।

सोनम वांगचुक कौन हैं?

सोनम वांगचुक एक इंजीनियर, नवप्रवर्तक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) के संस्थापक हैं, जिसने लद्दाख के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है।

  • वे पर्यावरणीय और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहते हैं।
  • 2018 में उन्हें रैमन मैग्सेसे पुरस्कार भी मिल चुका है।
  • बॉलीवुड फिल्म 3 इडियट्स का किरदार “रैंचो” आंशिक रूप से उन्हीं से प्रेरित माना जाता है।

लद्दाख की मांग क्यों है बड़ी?

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कोई नई नहीं है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनका मानना है कि राज्य का दर्जा मिलने से न केवल क्षेत्र का विकास तेज होगा बल्कि यहां की संस्कृति और संसाधनों की सुरक्षा भी बेहतर ढंग से हो सकेगी।

सोनम वांगचुक का संदेश: “हिंसा से आंदोलन को नुकसान”

लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों और सीआरपीएफ की गाड़ी में आगजनी की घटनाओं पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से युवाओं से आग्रह रहा है कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण रहे।

वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा:

“लेह की घटनाएं बेहद दुखद हैं। मेरा शांतिपूर्ण मार्ग का संदेश आज विफल हो गया। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि इस तरह की बेतुकी हरकतें बंद करें। इससे हमारे उद्देश्य को ही नुकसान होता है।”)

उन्होंने दोहराया कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई केवल शांति और लोकतांत्रिक तरीकों से ही सफल हो सकती है। हिंसा का रास्ता अपनाने से सरकार और देशभर के लोगों के बीच गलत संदेश जाता है और आंदोलन की विश्वसनीयता पर आंच आती है।