BY
Yoganand Shrivastava
NEET Re Exam Bengaluru RC Government College देशभर में आयोजित हो रही ‘नीट-यूजी 2026’ (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा (Re-Exam) के बीच कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद भावुक और स्तब्ध कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के आरसी गवर्नमेंट कॉलेज (RC Government College) परीक्षा केंद्र पर महज 2 मिनट की देरी के कारण तीन छात्राओं का पूरा साल और डॉक्टर बनने का सपना दांव पर लग गया। परीक्षा केंद्र का मुख्य गेट बंद होने के बाद घबराहट और तनाव में छात्राओं ने दीवार की ऊंची रेलिंग फांदकर अंदर प्रवेश तो कर लिया, लेकिन सख्त नियमों के कारण उन्हें परीक्षा हॉल में बैठने की अनुमति नहीं मिली।
NEET Re Exam Bengaluru RC Government College लाउडस्पीकर से आखिरी अनाउंसमेंट और बंद हो गया मुख्य द्वार
तय गाइडलाइंस के अनुसार, दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाली इस महा-परीक्षा के लिए एंट्री का अंतिम समय 1 बजकर 30 मिनट निर्धारित था। परीक्षा केंद्र पर दोपहर 1:29 बजे लाउडस्पीकर के जरिए अंतिम बार चेतावनी भरा एलान किया गया कि गेट बंद होने में सिर्फ एक मिनट बाकी है। ठीक 1:30 बजे मुख्य द्वार को पूरी तरह लॉक कर दिया गया। इसके ठीक दो मिनट बाद यानी 1 बजकर 32 मिनट पर तीन छात्राएं हांफती हुई और दौड़ती हुई केंद्र पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
NEET Re Exam Bengaluru RC Government College करियर दांव पर देख फूला पेरेंट्स का दम, छात्राओं ने लांघी लोहे की रेलिंग

गेट बंद देखकर छात्राओं और उनके अभिभावकों के हाथ-पांव फूल गए। वक्त बीतने और साल बर्बाद होने के डर से घबराईं तीनों लड़कियों ने हिम्मत दिखाकर मुख्य द्वार की लोहे की ऊंची रेलिंग को पार किया और परिसर के भीतर कूद गईं। हालांकि, इस जोखिम के बाद भी उन्हें मायूसी ही हाथ लगी, क्योंकि अंदर परीक्षा हॉल का मुख्य दरवाजा भी पूरी तरह सील हो चुका था। बाहर खड़े रोते-बिलखते माता-पिता ने बताया कि वे घर से समय पर निकले थे, लेकिन शहर में चल रही कांग्रेस की एक राजनीतिक रैली के कारण लगे भीषण ट्रैफिक जाम में उनकी गाड़ी फंस गई, जिसके चलते उन्हें महज 120 सेकंड की यह भारी देरी झेलनी पड़ी।
NEET Re Exam Bengaluru RC Government College पेपर लीक विवाद के बाद NTA का सुरक्षा चक्रव्यूह, एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों से पहुंचे प्रश्नपत्र

बीते 3 मई को आयोजित मुख्य नीट परीक्षा को देशव्यापी पेपर लीक और धांधली के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके चलते नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस बार साख बचाने के लिए नियमों को लेकर बेहद सख्त है। इस पुनर्परीक्षा में देश के 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिन्हें इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया है। पिछली गलतियों से सबक लेते हुए एनटीए ने इस बार सुरक्षा का ऐसा कड़ा चक्रव्यूह तैयार किया है, जिसे भेदना नामुमकिन है। प्रश्नपत्रों की पूर्ण गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई, जिनके जरिए संवेदनशील इलाकों और परीक्षा केंद्रों तक पेपरों को सीधे और सुरक्षित एयरलिफ्ट कराया गया।





