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Sheikh Hasina: 2 साल बाद वर्चुअल संबोधन में शेख हसीना का बड़ा ऐलान, कहा- “मैं बांग्लादेश जरूर लौटूंगी”

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Sheikh Hasina: बांग्लादेश में 2024 के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भारत में रह रही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी बात रखी। इस दौरान वह कैमरे के सामने नहीं आईं, लेकिन ऑडियो संदेश के माध्यम से पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बांग्लादेश लौटने की इच्छा दोहराते हुए कहा कि वह अपने लोगों से लंबे समय तक दूर नहीं रह सकतीं और उचित समय आने पर अपने देश वापस जाएंगी।

Sheikh Hasina: जुलाई-अगस्त 2024 की घटनाओं का किया जिक्र

अपने संबोधन में शेख हसीना ने जुलाई और अगस्त 2024 के दौरान बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कुछ संगठित समूहों ने छात्रों का इस्तेमाल हिंसक भीड़ के रूप में किया, जिससे देश में अस्थिरता का माहौल बना। उनके अनुसार इन घटनाओं का असर केवल बांग्लादेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर भी पड़ा।

Sheikh Hasina: “मैं अपने लोगों के पास वापस लौटूंगी”

शेख हसीना ने कहा कि उनका सबसे बड़ा उद्देश्य अपने देश और लोगों के बीच लौटना है। उन्होंने कहा कि वह अपने नागरिकों से दूर नहीं रह सकतीं और हर परिस्थिति में बांग्लादेश वापस जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा है कि वापसी पर उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है या उनके खिलाफ नए मामले दर्ज किए जा सकते हैं, लेकिन इन संभावनाओं से वह पीछे हटने वाली नहीं हैं।

उनके अनुसार उन्हें अपने व्यक्तिगत भविष्य की चिंता नहीं है, बल्कि बांग्लादेश के भविष्य और वहां शांति एवं लोकतंत्र की बहाली अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने देशवासियों पर पूरा भरोसा है और वही उनका सबसे बड़ा संबल हैं।

Sheikh Hasina: अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की अपील

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश का मौजूदा संकट केवल एक देश का आंतरिक मामला नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और बांग्लादेश के मित्र देशों से लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय के समर्थन में सहयोग करने की अपील की।

Sheikh Hasina: पहले भी कई बार रोका गया, फिर भी लौटी थी: हसीना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवालों के जवाब देते हुए शेख हसीना ने अपने राजनीतिक जीवन के पुराने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1981 में भी उनकी वापसी रोकने की कोशिश हुई थी। इसके बाद 1983 और 1985 सहित कई अवसरों पर भी उन्हें देश लौटने से रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह हर बार अपने देश वापस पहुंचीं।

उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हमेशा अपने लोगों के बीच लौटने का रास्ता तलाशा है और इस बार भी उनका फैसला नहीं बदलेगा।

Sheikh Hasina: “वे मुझे रोक सकते हैं, लेकिन मेरे इरादे नहीं”

शेख हसीना ने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर खतरे का अंदेशा है। उन्होंने कहा कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है या उनके खिलाफ नए आरोप लगाए जा सकते हैं। इसके बावजूद उनका संकल्प नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें अपने लोगों के लिए संघर्ष करना पड़े तो वह इसके लिए तैयार हैं और जनता का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

Sheikh Hasina: बेटे सजीब वाजेद जॉय भी वर्चुअली हुए शामिल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय भी वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने शेख हसीना के साथ एक पूर्व राष्ट्राध्यक्ष के अनुरूप व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि भारत में उन्हें सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिसके लिए परिवार भारत सरकार का धन्यवाद करता है।

Sheikh Hasina: वापसी की तारीख पर क्या बोलीं शेख हसीना

शेख हसीना ने कहा कि वह फिलहाल अपनी वापसी की सटीक तारीख सार्वजनिक नहीं करना चाहतीं। उनका कहना था कि उचित समय आने पर इसकी घोषणा की जाएगी। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि वह दिसंबर के दौरान बांग्लादेश लौटना चाहती हैं और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए महत्वपूर्ण समय मानती हैं।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के लोगों ने लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों का सामना किया है और अब देश में स्थिरता तथा शांति की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में उनका विश्वास आज भी कायम है।

Sheikh Hasina: “मुक्ति संग्राम के प्रतीकों को फिर स्थापित करना होगा”

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम और मुक्ति युद्ध से जुड़े कई प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया गया है। उनका मानना है कि इन ऐतिहासिक प्रतीकों और राष्ट्रीय गौरव को दोबारा स्थापित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को संरक्षित रखना देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है और वह इसी उद्देश्य के साथ वापस लौटना चाहती हैं।

Sheikh Hasina: भारत को बताया भरोसेमंद मित्र

अपने संबोधन में शेख हसीना ने भारत और बांग्लादेश के संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा बांग्लादेश का एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद मित्र रहा है। उनके अनुसार दोनों देशों के संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों की जनता के बीच भी लंबे समय से मजबूत रिश्ते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में वर्तमान सरकार क्या निर्णय लेती है, यह उसका विषय है, लेकिन उनका अपना निर्णय स्पष्ट है। उन्होंने दोहराया कि वह अपने देश लौटेंगी और अपने लोगों के बीच रहकर आगे की राजनीतिक यात्रा जारी रखेंगी।

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