Supaul Lifeline Hospital: बिहार के सुपौल में एक निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर मरीज के परिजन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला मुख्यालय स्थित लाइफ लाइन अस्पताल के खिलाफ पिपरा थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी रामजी कुमार ने जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में इलाज के नाम पर करीब 25 हजार रुपये लेने, अतिरिक्त पैसे की मांग करने और परिजन के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया है।
Supaul Lifeline Hospital: शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस शिकायत को लेकर कोई पक्ष सामने आया है या नहीं, इसकी जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।
Supaul Lifeline Hospital: पिता की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जा रहे थे परिजन
Supaul Lifeline Hospital: रामजी कुमार के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 को उनके पिता की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। वे अपने पिता को इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल लेकर जा रहे थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान एक ऑटो चालक उन्हें लाइफ लाइन अस्पताल लेकर पहुंचा।
Supaul Lifeline Hospital: रामजी कुमार का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उनके पिता को ICU में भर्ती कर दिया गया। परिजन को बताया गया कि मरीज की हालत गंभीर है और उनकी जान को खतरा है। इसके बाद इलाज और जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
Supaul Lifeline Hospital: इलाज और जांच के नाम पर 25 हजार रुपये लेने का आरोप
Supaul Lifeline Hospital: शिकायतकर्ता के अनुसार, अस्पताल में भर्ती करने के बाद जांच और दवाओं के नाम पर उनसे थोड़े समय के भीतर करीब 25 हजार रुपये जमा करा लिए गए। आरोप है कि इसके बाद भी उनसे अतिरिक्त रकम की मांग की जाने लगी।
Supaul Lifeline Hospital: रामजी कुमार ने अपनी शिकायत में यह भी सवाल उठाया है कि उनसे ली गई रकम किन-किन जांच और उपचार मदों के लिए ली गई। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है, ताकि भुगतान और उपचार से संबंधित रिकॉर्ड की जांच हो सके।
Supaul Lifeline Hospital: डिस्चार्ज और मेडिकल रिपोर्ट को लेकर भी शिकायत
Supaul Lifeline Hospital: रामजी कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टर से मिलने और अपने पिता को अस्पताल से डिस्चार्ज कराने की बात कही तो अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की।
Supaul Lifeline Hospital: शिकायतकर्ता के मुताबिक, अस्पताल की ओर से उन्हें विधिवत डिस्चार्ज समरी और जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका दावा है कि काफी विरोध के बाद एक फाइल कवर में एक पन्ने की फोटो कॉपी देकर उन्हें अस्पताल से भेज दिया गया।
Supaul Lifeline Hospital: मरीज की स्थिति को लेकर भी उठाए सवाल
Supaul Lifeline Hospital: शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके पिता को ICU में भर्ती कराने के कुछ घंटे बाद जब वे उन्हें अस्पताल से बाहर लेकर आए तो उनकी स्थिति ठीक थी। इसी आधार पर उन्होंने ICU में भर्ती करने की आवश्यकता और उपचार प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
Supaul Lifeline Hospital: हालांकि, मरीज की वास्तविक मेडिकल स्थिति, ICU में भर्ती किए जाने की आवश्यकता और उपचार की प्रक्रिया का सही आकलन मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और चिकित्सकीय दस्तावेजों की जांच के बाद ही किया जा सकता है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Supaul Lifeline Hospital: अस्पताल परिसर में शराब की बोतल मिलने का भी दावा
Supaul Lifeline Hospital: रामजी कुमार ने अस्पताल परिसर में शराब की खाली बोतल मिलने का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया है।
Supaul Lifeline Hospital: हालांकि, शराब की बोतल अस्पताल परिसर में कैसे पहुंची, वह किसकी थी और इस दावे का इलाज से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है। इस संबंध में भी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
Supaul Lifeline Hospital: DM और सिविल सर्जन से जांच की मांग
Supaul Lifeline Hospital: शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच पर नजर है।
Supaul Lifeline Hospital: जांच में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी होगा कि मरीज को ICU में भर्ती करने का चिकित्सकीय आधार क्या था, कौन-कौन सी जांच कराई गईं, करीब 25 हजार रुपये किस मद में लिए गए और मरीज के परिजन को मेडिकल रिपोर्ट एवं डिस्चार्ज से जुड़े दस्तावेज क्यों नहीं दिए गए।
Supaul Lifeline Hospital: फिलहाल यह मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों के स्तर पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और अस्पताल की ओर से किसी नियम का उल्लंघन हुआ या नहीं।
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