रिपोर्ट- मनीष सिंह
Naxal Operation 2026 : सुकमा, तेलंगाना सीमा से लगे छोटे कंचाला के जंगलों में सीआरपीएफ की 150वीं बटालियन के जवानों ने नक्सलियों के डम्प का पता लगाकर बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की है। बरामद सामान में कई वायरलेस सेट, सिंगल शॉट रायफल समेत अन्य सामग्री शामिल है। यह कार्रवाई कमांडेंट राकेश चंद्र शुक्ला के नेतृत्व में कंपनी कमांडर सुधीर सिंह की टीम ने की। ऑपरेशन में सीआरपीएफ के BDD और K9 डॉग स्क्वायड ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Naxal Operation 2026 : जनवरी 2026 से अब तक नक्सलियों के खिलाफ बड़े अभियान, बस्तर से झारखंड तक सुरक्षा बलों की कार्रवाई
साल 2026 की शुरुआत से ही नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन तेज किए हैं। खासतौर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर के जंगल सुरक्षा बलों के बड़े ऑपरेशनों का केंद्र रहे हैं। इसके साथ ही झारखंड और तेलंगाना में भी माओवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
Naxal Operation 2026 : 3 जनवरी, सुकमा और बीजापुर में एक दिन में 14 नक्सली ढेर
साल की शुरुआत में ही छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई हुई। 3 जनवरी को सुकमा के कोंटा-किस्ताराम इलाके और बीजापुर के बासागुड़ा क्षेत्र में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 माओवादी मारे गए। सुरक्षा बलों के मुताबिक कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी। मौके से AK-47, SLR समेत हथियार बरामद हुए।
Naxal Operation 2026 : जनवरी, झारखंड के सिंहभूम में बड़ा ऑपरेशन
22 जनवरी को झारखंड के सिंहभूम क्षेत्र में सुरक्षा बलों की मुठभेड़ में 16 माओवादी मारे गए। इस कार्रवाई में संगठन के वरिष्ठ नेता पथिराम मांझी उर्फ अनल दा भी मारा गया, जिस पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम बताया गया था। यह कार्रवाई झारखंड में माओवादी नेतृत्व पर केंद्रित अभियानों की कड़ी में महत्वपूर्ण रही।
Naxal Operation 2026 : फरवरी, अबूझमाड़ और सुकमा में डम्प पर कार्रवाई
फरवरी में सुरक्षा बलों ने बस्तर के जंगलों में छिपाए गए हथियार और विस्फोटक बरामद करने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी रखे। 1 फरवरी को नारायणपुर के अबूझमाड़ में पुलिस और ITBP की संयुक्त टीम ने मदोड़ा-भोटोर के जंगलों में माओवादी डम्प बरामद किया। वहीं 5 फरवरी को सुकमा के गोगुंडा क्षेत्र में CRPF की 74वीं बटालियन और CoBRA-201 की टीम ने हथियारों और माओवादी सामग्री का डम्प खोजा तथा एक प्रेशर IED को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया।
13 फरवरी को बीजापुर के ताड़पला पहाड़ियों में CRPF और CoBRA की संयुक्त कार्रवाई में भूमिगत डम्प से डेटोनेटर, बारूद, ड्रम, माओवादी वर्दी और अन्य सामग्री बरामद की गई।
Naxal Operation 2026 : अप्रैल, झारखंड में ऑपरेशन कोटिनीर
17 अप्रैल को हजारीबाग-चतरा सीमा के खपिया जंगल में CRPF की 209 CoBRA और झारखंड पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए। इनमें 15 लाख रुपये का इनामी सहदेव महतो, जो वरिष्ठ कमांडर था, शामिल था। मौके से दो AK-47, Colt AR-15 और INSAS समेत हथियार बरामद किए गए।
Naxal Operation 2026 : मई, दंतेवाड़ा में माओवादी डम्प बरामद
2 मई को दंतेवाड़ा के बारसूर थाना क्षेत्र के तोड़मा गांव के पास जंगल में CRPF की 195वीं बटालियन और दंतेवाड़ा पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई में माओवादी डम्प से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
Naxal Operation 2026 : जुलाई-अगस्त, हथियार और IED नेटवर्क पर फोकस
22 जुलाई को बीजापुर के हिरमागुंडा-पेडिया जंगल क्षेत्र में CRPF और CoBRA ने खुफिया सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान छह माओवादी डम्प से IED बनाने की सामग्री और अन्य सामान बरामद किया गया। इसी क्षेत्र में दबे प्रेशर IED की वजह से स्थानीय बच्चों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आईं।
3 अगस्त को सुकमा के भेज्जी थाना क्षेत्र के बोधराजपदर जंगल में CRPF की 50वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने हथियार और गोला-बारूद का माओवादी डम्प बरामद किया।
Naxal Operation 2026 : सितंबर, बीजापुर और सुकमा में फिर बरामदगी
सितंबर में भी अभियान जारी रहे। 15 सितंबर को बीजापुर के बड़ेआलवाड़ा जंगल में पुलिस, DRG और BDS की संयुक्त सर्चिंग में हथियार, कारतूस, करीब 8 किलो जिलेटिन, वायरलेस सेट और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
अब सुकमा के तेलंगाना सीमा से लगे छोटे कंचाला के जंगलों में CRPF की 150वीं बटालियन की कार्रवाई में वायरलेस सेट, सिंगल शॉट रायफल समेत अन्य सामग्री बरामद होना इसी अभियान की अगली कड़ी है।
Naxal Operation 2026 : अभियान का दूसरा पहलू—आत्मसमर्पण
नक्सल विरोधी अभियान केवल मुठभेड़ों और हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं रहे। पुनर्वास नीति और आत्मसमर्पण अभियान भी समानांतर चले। 7 फरवरी को सुकमा और बीजापुर में 51 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन पर कुल 1.61 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
CRPF के जनवरी-फरवरी 2026 के आंकड़ों में छत्तीसगढ़ सेक्टर में 25 नक्सलियों के मारे जाने, 62 की गिरफ्तारी, 282 के आत्मसमर्पण और 54 माओवादी डम्प बरामद होने का उल्लेख है। इसी अवधि में बड़ी संख्या में हथियार, IED और विस्फोटक भी बरामद किए गए।
यानी जनवरी से सितंबर तक की तस्वीर में तीन समानांतर रणनीतियां दिखाई देती हैं—जंगलों में ऑपरेशन, माओवादी नेटवर्क और हथियारों के डम्प को निशाना बनाना तथा आत्मसमर्पण के जरिए कैडर को मुख्यधारा में लाना। यही वजह है कि 2026 में बस्तर और झारखंड के जंगलों में सुरक्षा बलों की लगातार मौजूदगी और अभियान दोनों देखने को मिले हैं।


