Indore Ujjain Metropolitan Region UIMR: मालवा के विकास का महा-रोडमैप: UIMR प्रोजेक्ट से बदल जाएगी इंदौर-उज्जैन सहित 6 जिलों की सूरत, मिलेंगे 5 लाख रोजगार

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Indore Ujjain Metropolitan Region UIMR

Indore Ujjain Metropolitan Region UIMR मध्य प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक धुरी कहे जाने वाले मालवा अंचल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक और महा-महत्वाकांक्षी विकास योजना तैयार की गई है। ‘इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन’ (UIMR) नाम के इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत विकास के लाभ को सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रखकर आसपास के छोटे कस्बों, तहसीलों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाया जाएगा। इस महा-प्लान के अंतर्गत कुल 16,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक का विशाल क्षेत्र शामिल किया गया है, जिससे मालवा के 6 प्रमुख जिलों के सवा करोड़ लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए क्षितिज खुलेंगे।

Indore Ujjain Metropolitan Region UIMR 14 नए औद्योगिक पार्क और 5 लाख नौकरियां: ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा मालवा

इस रणनीतिक योजना का मुख्य उद्देश्य मालवा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए सरकार ने 13,500 हेक्टेयर से अधिक का एक विशाल लैंड बैंक तैयार किया है, जहां 14 नए औद्योगिक पार्क (Industrial Parks) विकसित किए जाएंगे। इस अभूतपूर्व औद्योगिक क्रांति से स्थानीय स्तर पर लगभग 5 लाख नई नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। योजना के तहत पीथमपुर को विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और आधुनिक इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए अपग्रेड किया जा रहा है, जबकि उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी को मुख्य ‘एंकर सिटी’ और रतलाम को एक बड़े लॉजिस्टिक्स व एक्सपोर्ट हब के रूप में नई पहचान दी जाएगी।

Indore Ujjain Metropolitan Region UIMR ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और 60 मिनट की कनेक्टिविटी: मेट्रो विस्तार से आसान होगा सफर

Indore Ujjain Metropolitan Region UIMR UIMR प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहतरीन और आधुनिक कनेक्टिविटी विजन है। इस पूरे 16 हजार वर्ग किलोमीटर के दायरे में यातायात को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि नागरिक महज 60 मिनट के भीतर मुख्य आर्थिक केंद्रों तक पहुंच सकें। इसके लिए इंदौर और उज्जैन के बीच एक हाई-स्पीड ‘ग्रीनफील्ड कॉरिडोर’ और इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया गया है। साथ ही, उज्जैन-इंदौर मेट्रो विस्तार योजना के जरिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहद मजबूत बनाया जाएगा। यह पूरा रीजन सीधे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से जोड़ा जाएगा, ताकि उद्योगों में तैयार माल कुछ ही घंटों में सीधे देश के प्रमुख बंदरगाहों तक भेजा जा सके।

Indore Ujjain Metropolitan Region UIMR देश का पहला लैंड पूलिंग मॉडल, कार्बन न्यूट्र (Madhya Pradesh Metropolitan Act 2025)

इस महा-परियोजना को कानूनी और वैज्ञानिक रूप देने के लिए सरकार ‘मध्यप्रदेश महानगरीय क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम, 2025’ लेकर आई है, जिसके तहत एक शक्तिशाली मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी का गठन किया जाएगा।

  • किसानों की सीधी भागीदारी: इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण में देश का पहला अनोखा लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया गया है, जहां 17 गांवों के किसानों को उनकी 60% विकसित जमीन वापस मिलेगी, जिससे वे सीधे विकास के भागीदार बनेंगे।
  • पर्यावरण संरक्षण: इस औद्योगिक कॉरिडोर को पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल रखने के लिए ‘ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट’ नीति लागू की गई है। इसके तहत नर्मदा नदी और वन क्षेत्रों के पास किसी भी निर्माण पर पाबंदी होगी। औद्योगिक क्लस्टर्स ‘कार्बन न्यूट्रल’ होंगे, जो सौर और पवन ऊर्जा से चलेंगे, और नदियों को स्वच्छ रखने के लिए ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ प्रणाली अनिवार्य होगी।
  • विरासत और पर्यटन: धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर 2047 तक राज्य की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10% करने का लक्ष्य है। इसके लिए उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू और महेश्वर को मिलाकर एक लक्जरी टूरिज्म सर्किट विकसित किया जा रहा है।

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