हजारीबाग: BJP नेता ने SP से की मुलाकात, न्याय और नशे पर लगाम की मांग

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Hazaribagh: BJP leader met SP, demanded justice and curb on drug abuse

रिपोर्ट- रूपेश कुमार दास

हजारीबाग:
जबरा मटवारी क्षेत्र में 6 जुलाई को हुई लूटपाट और बेरहमी से की गई मारपीट की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस हिंसक वारदात के शिकार प्रदीप प्रसाद की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। वे रांची के रिम्स अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस दर्दनाक घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को संकट में डाल दिया है, बल्कि इलाके की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिवार की हालत बेहद खराब, इलाज का खर्च बना चिंता

प्रदीप प्रसाद अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं। उनके तीन छोटे बच्चे हैं और उनकी गंभीर हालत के चलते पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहा है। इलाज का भारी खर्च और भविष्य की अनिश्चितता ने परिवार को पूरी तरह से झकझोर दिया है।

BJP नेता शेफाली गुप्ता ने SP से की मुलाकात, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग

इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी की नेता शेफाली गुप्ता ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन से मुलाकात की और घटना पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा,

“प्रदीप प्रसाद के साथ जो हुआ, वह न केवल अमानवीय है बल्कि इलाके में बढ़ते अपराध और नशा के नेटवर्क की भी गवाही देता है। अब जबरा-मटवारी अपराधियों का अड्डा बनता जा रहा है।”

युवाओं को बचाने की जरूरत, नशे के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई

शेफाली गुप्ता ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की कि युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नशे के कारोबारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि इस काले कारोबार की जड़ें कमजोर हों।

SP का आश्वासन – होगी सख्त कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जबरा-मटवारी क्षेत्र में नियमित गश्ती और सघन जांच अभियान चलाकर अपराध और नशा पर लगाम लगाई जाएगी।

जनता की भी मांग – हो सख्त निगरानी और कार्रवाई

इलाके के स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि जबरा और मटवारी क्षेत्र में पुलिस की सख्त निगरानी, सीसीटीवी निगरानी, और नशा विरोधी छापेमारी तेज की जाए, ताकि आगे इस तरह की घटनाएं न हों और आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।