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विकसित गुजरात के लिए 2025-26 बजट की मुख्य बातें

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gujarat budget 2025

20 फरवरी 2025 को गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने वित्त मंत्री श्री कनुभाई देसाई द्वारा पेश किए गए 2025-26 के राज्य बजट का स्वागत किया। उन्होंने इसे “विकसित गुजरात” के सपने और “जन कल्याण” के मिशन को साकार करने वाला एक ऐतिहासिक दस्तावेज बताया। ₹3.70 लाख करोड़ का यह बजट गुजरात के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है, जिसमें पिछले साल की तुलना में पूंजीगत व्यय में 21.8% की वृद्धि हुई है। यह लेख गुजरात बजट 2025-26 की प्रमुख विशेषताओं को विस्तार से प्रस्तुत करता है।


विकसित गुजरात के लिए एक दूरदर्शी योजना

वित्त मंत्री श्री कनुभाई देसाई ने इस बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के विजन को जन कल्याण योजनाओं के माध्यम से लागू करने की रूपरेखा बताया। इसके तहत ₹50,000 करोड़ का “विकसित गुजरात फंड” घोषित किया गया है, जो राज्य के आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि यह बजट गुजरात के नागरिकों के जीवन को समृद्ध, सुखद और संतुष्ट बनाने की दिशा में एक सफल प्रयास है।


बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर जोर

नई एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर

बजट में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं। दो नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे—नमो शक्ति एक्सप्रेसवे (उत्तर गुजरात के डीसा से सौराष्ट्र के पिपावाव तक) और सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे (अहमदाबाद, राजकोट, द्वारका, सोमनाथ और पोरबंदर को जोड़ने वाला)—के साथ 12 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। ये परियोजनाएं औद्योगिक विकास, पर्यटन और तीर्थयात्रा को बढ़ावा देंगी।

हवाई और पर्यटन विकास

दहोद में एक नया हवाई अड्डा बनाया जाएगा, जबकि वडोदरा, सूरत, भावनगर और पोरबंदर के हवाई अड्डों का उन्नयन होगा। इसके अलावा, अंबाजी कॉरिडोर और धरोई पर्यटन विकास परियोजना राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी।

क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र

छह क्षेत्रीय आर्थिक योजनाएं शुरू की जाएंगी, जो सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट, सौराष्ट्र तटीय क्षेत्र और कच्छ को विकास केंद्र बनाएंगी। यह विश्वस्तरीय सड़क और हवाई नेटवर्क गुजरात को कनेक्टिविटी में अग्रणी बनाएगा।


शहरी विकास: 2025 होगा शहरी विकास वर्ष

2025 को “शहरी विकास वर्ष” घोषित किया गया है, जिसमें शहरी विकास बजट में 40% की बढ़ोतरी की गई है। नए नगर निगमों के ढांचागत विकास के लिए अतिरिक्त धन आवंटित किया गया है, ताकि विश्वस्तरीय शहरों का निर्माण तेजी से हो सके। प्रधानमंत्री के जल संरक्षण के आह्वान को ध्यान में रखते हुए, शहरी क्षेत्रों में “कैच द रेन” अभियान शुरू होगा, जो भूजल स्तर को बढ़ाने में जन भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा।


समुदायों का सशक्तिकरण

आवास और जनजातीय कल्याण

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रति लाभार्थी सहायता ₹50,000 बढ़ाकर ₹1.70 लाख की गई है। जनजातीय समुदायों के लिए ₹30,000 करोड़ का “वनबंधु कल्याण योजना” शुरू की गई है, जो अंबाजी से उमरगाम तक के आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे को बेहतर करेगी।

मत्स्य पालन और कृषि

गुजरात, जो देश की सबसे लंबी तटरेखा वाला राज्य है, अपने मत्स्य क्षेत्र (“ब्लू इकोनॉमी”) को मजबूत करने के लिए ₹1,622 करोड़ का ऐतिहासिक पैकेज लाया है। यह मछली उत्पादन, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देगा। वहीं, कृषि क्षेत्र के लिए ₹1,612 करोड़ का आवंटन होगा, जो आधुनिक तकनीक और agro-processing के जरिए किसानों की आय बढ़ाएगा।


युवा, महिलाएं और बच्चे: भविष्य पर ध्यान

युवाओं के लिए तकनीकी प्रगति

AI युग में युवाओं को तैयार करने के लिए सात तकनीकी संस्थानों में AI लैब और चार क्षेत्रों में i-Hubs स्थापित होंगे, जो स्टार्टअप्स को बढ़ावा देंगे।

महिलाओं का सशक्तिकरण

“सखी सहस योजना” के तहत स्वयं सहायता समूहों को उपकरण सहायता और ऋण गारंटी दी जाएगी, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी।

बच्चों का पोषण

बच्चों के पोषण के लिए बजट में 25% की वृद्धि के साथ ₹8,460 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो एक स्वस्थ भविष्य की नींव रखेगा।


सामाजिक सुरक्षा और समावेशिता

“जनता जूथ अक्समत बीमा योजना” के तहत बीमा कवरेज ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹4 लाख किया गया है, जो 4.45 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ देगा। दिव्यांगों के लिए पात्रता मानदंड 80% से घटाकर 60% किया गया है, जिससे 85,000 से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।


विकसित गुजरात और भारत का सपना

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि यह बजट “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रगति की राह पर चल रहे भारत का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह जन-केंद्रित बजट हर गुजराती को विकसित गुजरात और विकसित भारत के निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित करेगा। वित्त मंत्री श्री कनुभाई देसाई और उनकी टीम की सराहना करते हुए उन्होंने इसे समावेशी विकास का एक व्यापक दस्तावेज बताया।


निष्कर्ष: गुजरात बजट 2025-26 न केवल आर्थिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ता है। यह राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।

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