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अंग प्रत्यारोपण में क्रांति? जीन-संपादित सुअर के लीवर ने मानव शरीर में 10 दिन तक किया काम

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चीन के डॉक्टरों ने पहली बार जीन-संपादित सुअर के लीवर को मानव में प्रत्यारोपित करने का विवरण सार्वजनिक किया है। यह प्रत्यारोपण पिछले वर्ष एक मस्तिष्क-मृत व्यक्ति पर किया गया था, जिसमें लीवर ने 10 दिनों तक शरीर में सही तरीके से कार्य किया। शोधकर्ताओं के अनुसार, अंग में रक्त प्रवाह उचित था और न तो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया हुई और न ही सूजन के लक्षण दिखे।

अंगों की कमी का समाधान?

अमेरिका में ही 1 लाख से अधिक लोग अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची में हैं, जबकि मानव अंगों की आपूर्ति मांग से काफी कम है। इस समस्या के समाधान के लिए वैज्ञानिक दशकों से सुअर के अंगों का उपयोग करने की संभावना तलाश रहे हैं, क्योंकि वे मानव अंगों के समान होते हैं।

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पिछले वर्ष, पेन मेडिसिन ने मस्तिष्क-मृत रोगी के शरीर के बाहर जीन-संपादित सुअर के लीवर का उपयोग करके रक्त परिसंचरण का सफल प्रयोग किया था। उस मामले में, सुअर का लीवर 72 घंटे तक स्थिर रहा और रोगी का शरीर भी सामान्य बना रहा।

लीवर प्रत्यारोपण की चुनौतियाँ

जीन-संपादित सुअर के गुर्दे और हृदय का मानव में प्रत्यारोपण कुछ हद तक सफल रहा है, लेकिन लीवर का प्रत्यारोपण अधिक जटिल है। चीन के शीआन स्थित शिजिंग हॉस्पिटल के डॉ. लिन वांग के अनुसार, “लीवर का कार्य बेहद जटिल है। यह न केवल रक्त को फिल्टर करता है, बल्कि पोषक तत्वों को संसाधित करने, विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने, पित्त का उत्पादन करने और रक्त के थक्के जमने में मदद करने वाले प्रोटीन बनाने जैसे कई कार्य करता है।”

भविष्य की संभावनाएं

अमेरिका में मैस जनरल ब्रिघम के डॉ. शिमुल शाह के अनुसार, लीवर प्रत्यारोपण में अभी और शोध की आवश्यकता है। हालांकि, यह तकनीक उन रोगियों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है, जिन्हें तत्काल लीवर प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है।

चीन में किए गए इस प्रत्यारोपण में बामा मिनिएचर सुअर के लीवर में छह जीन संपादन किए गए थे। हालांकि, इस प्रक्रिया में मानव लीवर को शरीर से नहीं निकाला गया था। डॉ. वांग का मानना है कि सुअर के लीवर द्वारा उत्पादित पदार्थों की मात्रा मानव शरीर की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती है।

निष्कर्ष

यह शोध अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. परसिया वागेफी के अनुसार, यह तकनीक उन रोगियों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकती है, जिन्हें मानव अंग प्राप्त होने तक समय बिताने की आवश्यकता है। भविष्य में और अधिक शोध के साथ, जीन-संपादित सुअर के अंग मानव जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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