इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल टैक्स से मिली बड़ी राहत, मुंबई के अटल सेतु पर अब नहीं देना पड़ेगा शुल्क

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इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल टैक्स से मिली बड़ी राहत, मुंबई के अटल सेतु पर अब नहीं देना पड़ेगा शुल्क

मुंबई और महाराष्ट्र के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मालिकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब अटल सेतु, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट दी जाएगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के मार्गदर्शन में यह निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करना है।


टोल टैक्स से छूट: क्या बदल गया?

  • आरंभिक शुल्क: पहले अटल सेतु पर कार का टोल 250 रुपए था।
  • नई सुविधा: अब इलेक्ट्रिक वाहनों को पूरी तरह से मुक्ति मिली है।
  • लागू तिथि: अधिसूचना के अनुसार, 21 अगस्त 2025 से यह नियम लागू है।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, टोल टैक्स माफी के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। अटल सेतु पर यह सुविधा तुरंत लागू कर दी गई है, जबकि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग पर अगले दो दिनों में शुरू होगी।


कौन कर पाएगा इसका लाभ?

  • निजी और सरकारी इलेक्ट्रिक कारें
  • निजी और सरकारी इलेक्ट्रिक बसें

इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन इस छूट के दायरे में नहीं आते।

सरकार का मानना है कि इस कदम से ईवी अपनाने की रफ्तार तेज होगी और लोग पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की बजाय इलेक्ट्रिक वाहन चुनेंगे।


महाराष्ट्र ईवी नीति का असर

अप्रैल 2025 में महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा की गई थी। इसके तहत प्रमुख टोल नाकों पर इलेक्ट्रिक बसों और निजी चार-पहिया वाहनों को टोल छूट दी जाने का प्रावधान किया गया था।

इसके अलावा, अन्य राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर इलेक्ट्रिक कारों को 50% की रियायत दी जाएगी।


मुंबई में ईवी की बढ़ती डिमांड

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुंबई और आसपास कुल 22,400 इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हैं:

  • हल्के चार पहिया वाहन: 18,400
  • छोटे यात्री वाहन: 2,500
  • भारी यात्री बसें: 1,200
  • मध्यम यात्री वाहन: 300

हर दिन करीब 60,000 वाहन अटल सेतु से गुजरते हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

इस नई योजना से ईवी मालिकों को सैलरी और यात्रा खर्च में राहत मिलेगी, साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।