Ram Mandir Trust : चढ़ावा चोरी के दोषियों को सजा दिलाने की तैयारी,सभी को मिलेगी मंदिर के चढ़ावे की पूरी जानकारी
Ram Mandir Trust : अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट ने नया फैसला लिया है…जिसमें चंपत राय के इस्तीफे को मंजूर कर उनकी जगह अब अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन दास को मंदिर के कामकाज की पूरी कमान सौंपी गई है…हरदोई के रहने वाले और ट्रस्टी कृष्ण मोहन ने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा…उसे सजा दिलाना मेरी प्राथमिकता होगी…साथ ही प्रबंधन और संचालन की कमियों का कुछ लोगों ने फायदा उठाया…ऐसा भविष्य में न हो…उसको तय करना हमारी जिम्मेदारी होगी…कृष्ण मोहन ने ये भी कहा कि अगर ट्रस्ट की छवि धूमिल हुई है और समाज में अविश्वास पैदा हुआ है…उसे दूर करने के लिए जो भी जरूरी होगा..वो काम किया जाएगा…और राम जन्मभूमि में हर दान की पूरी जानकारी सभी को दी जाएगी…राम चढ़ावा चोरी की तहरीर कृष्ण मोहन दास ने ही दी थी…उन्होंने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की..जिसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक नौकरी की…रिटायर होने के बाद कृष्ण मोहन सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे…
Ram Mandir Trust : हालांकि राम मंदिर जैसी देश की सबसे बड़ी धार्मिक और संवेदनशील जगह के प्रबंधन को संभालना कृष्ण मोहन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण काम होगा… खासकर जब मंदिर में चढ़ावा चोरी जैसी घटना सामने आई होगी….राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर गड़बड़ी और चोरी का मामला जून में सामने आया था…विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने एसआईटी बनाई और एसआईटी अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है…सभी आरोपी 40 दानपात्रों के चढ़ावे को तीर्थयात्री सुविधा केंद्र पहुंचाने के बाद गिनती का काम करने वाली टीम के हिस्सा थे…इसके बाद चंपत राय ने 6 जुलाई को मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था…और राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कृष्ण मोहन दास को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी दी गई…अब सवाल ये है कि क्या कृष्ण मोहन राम मंदिर ट्रस्ट की धूमिल हुई छवि को सुधार पाएंगे…और सनातनियों की आस्था पर चोट करने वालों को सजा दिला पाएंगे….इसी मुद्दे पर हम चर्चा करेंगे.. राम चढ़ावे की पहरेदारी, कृष्ण मोहन की जिम्मेदारी में…

