Dabra डबरा में मौत का सौदागर बने अवैध अस्पताल: ‘अरविंदो हॉस्पिटल’ में बिना डॉक्टर हो रहा मरीजों की जान से खिलवाड़

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Dabra

Report: Santosh, Edit : Yoganand Shrivastva

Dabra डबरा: ग्वालियर जिले के डबरा नगर में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ‘अरविंदो हॉस्पिटल’ सहित कई निजी अस्पतालों पर गंभीर आरोप लगे हैं कि यहाँ बिना किसी योग्य या पंजीकृत डॉक्टर के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रशासनिक सुस्ती के कारण ये अस्पताल अब जनता के लिए “मौत का अड्डा” बनते जा रहे हैं।

बिना विशेषज्ञ डॉक्टर के इलाज और आर्थिक शोषण

Dabra ताजा मामला डबरा निवासी प्रमोद शर्मा का है, जिन्होंने अपनी पत्नी संगीता शर्मा को किडनी की गंभीर बीमारी के कारण ‘अरविंदो हॉस्पिटल’ में भर्ती कराया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल में 10 से 15 दिनों तक मरीज को भर्ती रखा गया और मोटी रकम वसूली गई। हैरानी की बात यह रही कि पूरे इलाज के दौरान अस्पताल में कोई भी योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं था। केवल अनुभवहीन कर्मचारियों के भरोसे दवाइयां दी जाती रहीं, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई। अंततः ग्वालियर के विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि गलत और देरी से हुए इलाज ने मरीज की जान जोखिम में डाल दी है।

प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली और निरीक्षण की हकीकत

Dabra मरीज के परिजनों द्वारा SDM और BMO डबरा को लिखित शिकायत देने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, तो शिकायतों की पुष्टि हो गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में एक भी पंजीकृत डॉक्टर मौजूद नहीं पाया गया। इसके बावजूद, अब तक केवल कागजी खानापूर्ति के तौर पर ‘नोटिस’ जारी किया गया है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या किसी की मृत्यु का इंतजार कर रहा है? अब तक अस्पताल को सील न करना और संचालक पर FIR दर्ज न होना विभाग की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

बीएमओ का पक्ष और जनता की कड़ी मांग

Dabra मामले की गंभीरता पर डबरा बीएमओ डॉ. आलोक त्यागी का कहना है कि अस्पताल को नोटिस थमाया गया है और निरीक्षण में डॉक्टर की अनुपस्थिति दर्ज की गई है। हालांकि, इस ‘नोटिस’ वाली कार्रवाई से जनता संतुष्ट नहीं है। पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों ने पुरजोर मांग की है कि:

  • ‘अरविंदो हॉस्पिटल’ को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए।
  • संचालक के विरुद्ध Clinical Establishment Act और लापरवाही के तहत FIR दर्ज हो।
  • पीड़ित परिवार को मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति दी जाए।

Read this: Dabra डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ महाकुंभ: सुरक्षा का ‘अभेद्य किला’ तैयार, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नज़र

Illegal Parking Action: नागरिक अस्पताल के बाहर अवैध पार्किंग पर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया

Illegal Parking Action: अस्पताल के बाहर अवैध अतिक्रमण हटाया, दर्जनों वाहनों के

CPR Rescue: भोपाल पुलिस बनी ‘देवदूत’ युवक को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जवानों ने CPR देकर बचाई जान

CPR Rescue: पुलिस कमिश्नर कार्यालय में अचानक बिगड़ी तबीयत, मचा हड़कंप CPR

Keshav Negi: केशव नेगी पर पुलिस कार्रवाई, उत्तराखंड में रोष, राजनीतिक हलचल

Keshav Negi: दिल्ली होटल आग मामले में केशव नेगी पर कार्रवाई से

Kanchi Dham Mela: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा और विशेष व्यवस्थाएं

Kanchi Dham Mela: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा की व्यवस्था