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लाल किले की सुरक्षा में चूक: मॉक ड्रिल के दौरान डमी बम नहीं पहचान पाए पुलिसकर्मी, 7 सस्पेंड

लाल किले की सुरक्षा में चूक: मॉक ड्रिल के दौरान डमी बम नहीं पहचान पाए पुलिसकर्मी, 7 सस्पेंड

स्वतंत्रता दिवस 2025 से पहले दिल्ली के लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक मॉक ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मी डमी बम को पहचानने में असफल रहे, जिसके चलते 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। ये घटना सवाल खड़े करती है कि क्या हम देश के सबसे अहम राष्ट्रीय पर्व की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं?


क्या हुआ लाल किले में? – घटना की पूरी जानकारी

  • दिनांक: 2 अगस्त 2025
  • स्थान: दिल्ली का लाल किला
  • घटना: स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के तहत एक मॉक-ड्रिल की गई जिसमें पुलिसकर्मी नकली बम को पहचान नहीं सके।
  • परिणाम: 7 पुलिसकर्मी (कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल सहित) सस्पेंड।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल सादे कपड़ों में लाल किले पहुंची थी, और उनके पास एक डमी बम था। लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल बम की पहचान नहीं कर सका, जिससे उनकी सतर्कता पर सवाल उठे।


15 अगस्त को लेकर मॉक ड्रिल क्यों होती है?

हर साल स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा बेहद सख्त होती है। चूंकि प्रधानमंत्री लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हैं, इसलिए:

  • हर दिन सुरक्षा अभ्यास किया जाता है।
  • स्पेशल टीम्स द्वारा मॉक ड्रिल कर खतरे का आकलन होता है।
  • इस बार का मॉक ड्रिल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता दिखा।

2 अगस्त से 16 अगस्त तक ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित

दिल्ली पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह ने लाल किले और उसके आसपास के क्षेत्र को नो फ्लाई जोन घोषित किया है। यह कदम स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर उठाया गया है।

जिन वस्तुओं और गतिविधियों पर रोक:

  • पैरा-ग्लाइडर
  • पैरा-मोटर
  • हैंग-ग्लाइडर
  • UAV (ड्रोन)
  • माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट
  • हॉट एयर बैलून
  • रिमोट कंट्रोल एयरक्राफ्ट

संदर्भ कानून: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाएगी।


डॉग स्क्वॉड की नई ट्रेनिंग: चुपचाप अलर्ट करेंगे कुत्ते

27 जुलाई को डॉग स्क्वॉड इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र डोगरा ने बताया कि इस बार स्निफर डॉग्स को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।

नई ट्रेनिंग के मुख्य बिंदु:

  • कुत्ते भौंकने के बजाय पूंछ हिलाकर या हैंडलर की ओर देखने से विस्फोटक की सूचना देंगे।
  • तेज़ आवाज से कुछ विस्फोटक एक्टिवेट हो सकते हैं, इसलिए साइलेंट अलर्ट जरूरी।

स्क्वॉड की ताकत:

  • 64 स्निफर डॉग्स
    • 58: विस्फोटक पहचानने के लिए
    • 3: ड्रग्स डिटेक्शन
    • 3: अपराधियों की तलाश के लिए

इन कुत्तों को लाल किला, चांदनी चौक सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जाएगा।


प्रधानमंत्री मोदी का 12वां संबोधन: जनता से मांगे सुझाव

2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 12वीं बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इससे पहले यह उपलब्धि केवल जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के पास थी।

पीएम मोदी ने की अपील:

“आप इस बार के स्वतंत्रता दिवस भाषण में क्या सुनना चाहते हैं? अपने सुझाव NaMo ऐप या MyGov पोर्टल पर दें।”


2023 का भाषण: सबसे लंबा रिकॉर्ड

पिछले साल (2023) 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने 103 मिनट का भाषण दिया, जो अब तक का उनका सबसे लंबा भाषण रहा।

उनके अब तक के भाषणों की लंबाई:

  • 2014 (पहला): 65 मिनट
  • 2016, 2019, 2022, 2023: 90 मिनट से ज्यादा
  • 2023: 103 मिनट (रिकॉर्ड)

चूक से सीख ज़रूरी है

लाल किले जैसी हाई सिक्योरिटी ज़ोन में इस तरह की लापरवाही, देश की सुरक्षा के लिए बड़ा संकेत है। हालांकि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 7 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन ये घटना बताती है कि हमें अपनी सुरक्षा तैयारियों की फिर से समीक्षा करनी होगी।