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Dussehra Nashe Ke Ravan : दशहरा पर नशे के रावणों को मारने का प्रण, युवाओं ने बनाए सख्त नियम, गांव में नशा करने पर 2100 रु. का रखा दंड

Dussehra youth Ravanas intoxication

रिपोर्ट- किसन लाल विश्वकर्मा, by:vijay yadav

Dussehra Nashe Ke Ravan : धमतरी, दशहरा पर हर साल रावण कुंभकरण और मेघनाथ का पुतला जलाया जाता है। वर्षों पुरानी सनातन परंपरा के मुताबिक ये बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। लेकिन हर साल ये प्रतीकात्मक रावण जलाने के बावजूद समाज से बुराई खत्म नहीं हुई बल्कि बुराई रूपी रावण समाज में फल फूल रही है। इसी बुराई रूपी नशे के रावणों को मगरलोड के ग्राम परसवानी के युवाओं ने विजयदशमी पर खत्म करने का प्रण लिया है।

Dussehra Nashe Ke Ravan : नशे के खिलाफ युवाओं की अनोखी पहल

दरअसल मगरलोड ब्लॉक से लगे ग्राम परसवानी के युवाओं ने गांव को नशामुक्त बनाने की अनूठी पहल शुरू की है। गांव में शराब, गांजा, सिगरेट और गुटखा जैसे नशीले पदार्थों के बढ़ते सेवन से चिंतित युवाओं ने एकजुट होकर संगठन बनाया है। इस संगठन ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के लिए जुर्माने का प्रावधान भी तय किया है। युवाओं की इस पहल को ग्रामीण विकास समिति, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और महिलाओं का भी समर्थन मिल रहा है।

Dussehra Nashe Ke Ravan

परसवानी में चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर नशीले पदार्थों का सेवन आम होता जा रहा था। इसकी चपेट में किशोरों से लेकर बुजुर्ग तक आ रहे थे। गांव के बिगड़ते माहौल को देखते हुए कुछ जागरूक युवाओं ने बदलाव की पहल की और युवा संगठन की नींव रखी। धीरे-धीरे इस अभियान से सैकड़ों ग्रामीण जुड़ गए। अब संगठन के सदस्य गांव की गलियों और प्रमुख चौक-चौराहों पर नशामुक्ति के संदेश वाले बैनर-पोस्टर लगा रहे हैं। इसके अलावा रैलियों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

Dussehra Nashe Ke Ravan : संगठन के कार्यकर्ताओं पर 5001 रु. का दंड निर्धारित

युवा संगठन ने नशे पर अंकुश लगाने के लिए गांव में नशीले पदार्थों का सेवन करने या गाली-गलौज और मारपीट करते पाए जाने पर 2100 रुपए जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है। वहीं, संगठन के किसी पदाधिकारी या सदस्य के नशा करते पाए जाने पर 5001 रुपए जुर्माना तय किया गया है।

युवाओं की इस मुहिम को अब गांव के दूसरे वर्गों का भी साथ मिलने लगा है। बताया जा रहा है, ग्रामीण विकास समिति और ग्राम पंचायत परसवानी के जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं अभियान के समर्थन में आगे आई हैं। बता दे की परसवानी के युवाओं की यह पहल आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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