Simhastha 2028 Preparations: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं की स्वीकृतियां लंबित हैं, उन्हें नवंबर 2026 तक प्राप्त किया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों, पेयजल, सीवरेज, यातायात और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास के लिए वैकल्पिक बाजार विकसित करने की योजना बनाने को कहा गया है। समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि सिंहस्थ से संबंधित कुल 175 निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपये है।
Simhastha 2028 Preparations: सिंहस्थ-2028 के सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में सिंहस्थ-2028 से जुड़े निर्माण कार्यों और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। जिन कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया अभी लंबित है, उनकी मंजूरी नवंबर माह में अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाए।
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट और सिंहस्थ सेल में आवश्यक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदस्थापना इसी सप्ताह सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, सभी संबंधित विभागों को सिंहस्थ के लिए अलग अमला तैनात करने और पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं को समय पर पूरा किया जा सके।
Simhastha 2028 Preparations: श्रद्धालुओं के आवागमन, घाटों और पेयजल व्यवस्था पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित संख्या का आकलन कर उनके आवागमन, यातायात, पार्किंग और ठहरने की व्यापक योजना तैयार की जाए। घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों के निर्माण और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो।
पंचक्रोशी यात्रा मार्ग पर निर्धारित योजना के अनुसार डोम विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित कर श्रद्धालुओं के आवागमन और संबंधित व्यवस्थाओं की पहले से कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
शहर के आंतरिक क्षेत्रों और मेला क्षेत्र में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ सीवरेज संबंधी कार्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
Simhastha 2028 Preparations: स्कूल-कॉलेजों में ठहरने की व्यवस्था, टेंट सिटी भी होगी विकसित
सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था समय रहते करने को कहा। इसके लिए आसपास के स्कूलों और कॉलेजों को चिह्नित कर वहां शौचालय, पेयजल, मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जाएगी।
उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्गों पर स्थित सांदीपनि विद्यालयों के उपयोग की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही घट्टिया, तराना और आसपास के उन क्षेत्रों में टेंट सिटी तथा होल्डिंग एरिया विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी, जहां से सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं का आवागमन होगा।
मुख्यमंत्री ने किसानों और सामाजिक संस्थाओं को टेंट सिटी विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। इससे श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके अलावा, होम-स्टे का दायरा बढ़ाने और जरूरत के अनुसार अन्य आवासीय व्यवस्थाएं विकसित करने पर भी विचार किया जाएगा।
Simhastha 2028 Preparations: पार्किंग और बिजली व्यवस्था के लिए बनेगी अलग योजना
सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग व्यवस्थित करने के लिए पर्यटन विभाग और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य वाहनों की आवाजाही को बेहतर ढंग से संचालित करना और प्रमुख मार्गों पर अनावश्यक दबाव कम करना है।
मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अलग सिंहस्थ डिवीजन स्थापित करने के निर्देश भी दिए। इससे आयोजन के दौरान बिजली संबंधी व्यवस्थाओं और आवश्यक कार्यों की निगरानी को व्यवस्थित किया जा सकेगा।
Simhastha 2028 Preparations: सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों के लिए बनेंगे वैकल्पिक बाजार
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं के दौरान आम नागरिकों और व्यापारियों को होने वाली परेशानी कम से कम रखी जाए। जिन दुकानदारों का कारोबार निर्माण कार्यों से प्रभावित हो रहा है, उनके रोजगार और व्यवसाय को दोबारा स्थापित करने के लिए प्रभावी योजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बर्तन बाजार और सोना-चांदी के व्यापारियों के पुनर्वास पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने नजर अली मिल क्षेत्र, कवेलू कारखाना क्षेत्र या आसपास के उपयुक्त स्थानों पर विक्रम क्लॉथ मार्केट की तर्ज पर नया बाजार विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए।
जिन दुकानदारों की दुकानें निर्माण कार्यों के कारण प्रभावित हुई हैं और जिनके पास कोई वैकल्पिक जगह नहीं है, उन्हें उपयुक्त बाजार में समायोजित करने की योजना भी तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सड़क चौड़ीकरण के काम में तेजी लाने के लिए अलग अमला तैनात करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य जल्द पूरे हों और स्थानीय लोगों को कम से कम असुविधा हो।
Simhastha 2028 Preparations: सिंहस्थ-2028 के 175 निर्माण कार्यों पर खर्च होंगे करीब 20 हजार करोड़ रुपये
समीक्षा बैठक में संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 से संबंधित कुल 175 निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपये है। सभी कार्यों को पूरा करने के लिए चरणबद्ध समय-सीमा तय की गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दिसंबर 2026 तक 51 निर्माण कार्य पूरे करने का लक्ष्य है। इसके बाद जनवरी से मार्च 2027 के बीच 36 कार्य, अप्रैल से जून 2027 तक 61 कार्य और जुलाई से अक्टूबर 2027 के बीच 23 कार्य पूरे किए जाने हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि मेला क्षेत्र में स्थायी निर्माण कार्यों के टेंडर जारी किए जा चुके हैं और काम तय समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूरे होने के बाद संबंधित सुविधाओं को आमजन के उपयोग के लिए भी खोला जाए, ताकि लोगों को विकास परियोजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
Simhastha 2028 Preparations: नवंबर तक लंबित स्वीकृतियां लेने और नियमित समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में अनावश्यक देरी से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और हर परियोजना की प्रगति निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप सुनिश्चित की जाए।
सिंहस्थ की तैयारियों में श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन, पेयजल, सीवरेज, बिजली, आवास और स्थानीय व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। सरकार का लक्ष्य है कि आयोजन से पहले जरूरी निर्माण कार्य पूरे हों और उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं समय रहते तैयार की जा सकें।
READ MORE : Gwalior Truck Accident: ग्वालियर हादसे में दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों से मिले CM मोहन यादव, सौंपी आर्थिक सहायता


