भोपाल बस हादसा: लापरवाही ने छीनी एक और ज़िंदगी

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BY: Yoganand Shrivastva

भोपाल: एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही ने कहर ढाया है। राजधानी के बाणगंगा चौराहे पर सोमवार दोपहर एक अनियंत्रित स्कूल बस ने रेड लाइट पर खड़े कई वाहनों को रौंद दिया। इस दर्दनाक सड़क हादसे में 24 वर्षीय नर्सिंग स्टाफ आयशा खान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 से 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

आयशा की शादी इसी महीने 14 मई को होने वाली थी। वो जेपी हॉस्पिटल में इंटर्नशिप कर रही थीं और ड्यूटी से घर लौटते समय इस हादसे की शिकार हो गईं।

CCTV में कैद हुई खौफनाक घटना

सड़क पर लगे CCTV कैमरे ने इस पूरे हादसे को रिकॉर्ड किया, जो बेहद भयावह दृश्य पेश करता है:

  • रेड लाइट पर रुकी थीं कई गाड़ियां और दोपहिया वाहन।
  • तेज रफ्तार स्कूल बस ने पीछे से एक कार को टक्कर मारी।
  • उसके बाद एक-एक करके 4-5 बाइक और स्कूटी को भी रौंद डाला।
  • एक युवती स्कूटी समेत बस के नीचे आ गई और करीब 50 फीट तक घसीटती चली गई।
  • प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस ड्राइवर ‘हटो-हटो’ चिल्ला रहा था, लेकिन हादसा टल नहीं सका।

ब्रेक फेल बताई जा रही वजह, ड्राइवर फरार

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की मुख्य वजह बस के ब्रेक फेल होना हो सकता है।
टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने जानकारी दी:

  • बस बाणगंगा घाटी से पॉलीटेक्निक की तरफ जा रही थी।
  • हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया।
  • पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और ड्राइवर की तलाश जारी है।

शादी की तैयारी में जुटे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

आयशा खान, जो मुल्ला कॉलोनी की निवासी थीं, अपने परिवार की बड़ी उम्मीद थीं। वह जेपी हॉस्पिटल में नर्सिंग इंटर्न के तौर पर काम कर रही थीं। उनके पिता जाहिद खान जबलपुर में इंडियन बैंक में मैनेजर हैं और मां शादी के कार्ड बांटने निकली थीं, जब उन्हें बेटी की मौत की सूचना मिली।

परिवार को गहरा सदमा लगा है, क्योंकि:

  • आयशा की शादी 14 मई को होनी थी।
  • घर में शादी की तैयारी चल रही थी।
  • उनकी एक छोटी बहन और छोटा भाई भी है।

फिटनेस सर्टिफिकेट भी था खत्म, स्कूल पर उठे सवाल

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि जिस स्कूल बस से हादसा हुआ, उसका फिटनेस प्रमाणपत्र नवंबर 2024 में ही समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद बस सड़कों पर दौड़ रही थी।

  • बस IPS स्कूल के नाम पर पंजीकृत है।
  • पुलिस ने संबंधित स्कूल को नोटिस भेजा है।
  • स्कूल से फिटनेस सर्टिफिकेट और वाहन से जुड़ी जानकारी मांगी गई है।

सवाल जो उठते हैं – और जवाब जिनकी जरूरत है

क्या ऐसे वाहन सड़कों पर चलने लायक होते हैं?

नहीं। फिटनेस सर्टिफिकेट खत्म होने के बाद किसी भी वाहन को सड़क पर चलाना गैरकानूनी है।

स्कूल की क्या जिम्मेदारी बनती है?

स्कूल को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनकी बसें पूरी तरह सुरक्षित, प्रमाणित और प्रशिक्षित ड्राइवरों के साथ चल रही हों।

क्या सरकार कोई सख्त कार्रवाई करेगी?

अगर जांच में लापरवाही साबित होती है, तो स्कूल प्रशासन, बस मालिक और ड्राइवर—all can be held legally accountable under IPC sections.

आगे क्या होना चाहिए? (Editorial View)

  • वाहनों की फिटनेस की समय-समय पर सख्त जांच जरूरी है।
  • स्कूल बसों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए जाने चाहिए।
  • दुर्घटना के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए

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