भिलाई में पंडित प्रदीप मिश्रा की श्री शिवपुराण कथा के लिए भूमि पूजन संपन्न

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Bhoomi Pujan for Pandit Pradeep Mishra's Shri Shiv Puran Katha completed in Bhilai

रिपोर्ट: विष्णु गौतम


भिलाई के जयंती स्टेडियम में आगामी 30 जुलाई से 5 अगस्त तक आयोजित होने जा रही अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की श्री शिवपुराण कथा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में सोमवार को भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे आयोजन स्थल को शिवमय बना दिया।

वैदिक रीति से भूमि पूजन, चार घंटे तक चला मंत्रोच्चारण

इस धार्मिक अनुष्ठान में देश के ख्याति प्राप्त पंडितों ने चार घंटे तक मंत्रोच्चारण और पूजन विधि पूरी की। भूमि पूजन के मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी ने भाग लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रों के साथ पूजन कर इस आयोजन के शुभारंभ का संकल्प लिया।

शिवभक्ति में सराबोर श्रद्धालु, माहौल बना शिवमय

आयोजन स्थल पर सैकड़ों महिला एवं पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी ने एक साथ भगवान भोलेनाथ का स्मरण और जयकारा लगाते हुए वातावरण को शिवभक्ति से सराबोर कर दिया।

कौशल्या देवी का संदेश – धर्म के मार्ग पर चलें, एकता बनाए रखें

मीडिया से बातचीत में कौशल्या देवी ने कहा:

“पंडित प्रदीप मिश्रा जी का छत्तीसगढ़ पर विशेष आशीर्वाद रहा है। उनकी कथाएं सिर्फ धार्मिक भावना नहीं, बल्कि समाज में एकता और जागरूकता का भी संदेश देती हैं। जब कथा में लोग एक साथ श्रद्धा से बैठते हैं, तो ये दिखाता है कि धर्म हमें जोड़ता है, तोड़ता नहीं।

उन्होंने सभी शिवभक्तों और सनातन धर्मावलंबियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रहित और धर्महित में कोई मतभेद नहीं होना चाहिए।

भव्य पंडाल और सुविधाएं, लाखों श्रद्धालुओं के लिए तैयारियां

आयोजक दया सिंह ने जानकारी दी कि भूमि पूजन से पहले सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया गया। उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर पांच भव्य पंडाल बनाए जा रहे हैं, जिसमें लाखों श्रद्धालु एक साथ बैठकर कथा श्रवण कर सकेंगे।

इसके साथ ही कथा स्थल पर कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया है और निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ हो चुका है। आयोजन समिति का दावा है कि यह कथा आयोजन छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे भव्य धार्मिक उत्सव साबित होगा।