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आगरा में बुजुर्ग से साइबर ठगी: ईडी अधिकारी बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, 23 लाख रुपये उड़ाए

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आगरा में बुजुर्ग से साइबर ठगी: ईडी अधिकारी बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, 23 लाख रुपये उड़ाए

BY: MOHIT JAIN

आगरा में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को ईडी और आयकर विभाग का अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट किया और 23 लाख 10 हजार रुपये आरटीजीएस के जरिए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।

कैसे हुई ठगी की शुरुआत?

पीड़ित डॉ. एचसी नितांत, जो ट्रांसयमुना स्थित श्रीनगर कॉलोनी में रहते हैं और कृषि अनुसंधान केंद्र से सेवानिवृत्त हैं, 17 सितंबर को अचानक एक व्हाट्सएप कॉल पाते हैं। कॉल करने वाले ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताया। इसके बाद लगातार कॉल और मैसेज आने लगे, जिनमें ठग खुद को विभिन्न विभागों के अधिकारी बताते रहे।

डर और दबाव बनाकर फंसाया

  • आरोप लगाया गया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।
  • कहा गया कि जल्द ही अरेस्ट वारंट जारी होगा।
  • धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए तो जेल जाना पड़ेगा।
  • शर्त रखी गई कि इस बारे में किसी को न बताएं।

डर और तनाव के कारण बुजुर्ग डिप्रेशन में चले गए और अलग-अलग खातों में 23 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

शिकायत और पुलिस जांच

कुछ दिन तक मानसिक तनाव में रहने के बाद 18 सितंबर को उन्होंने हिम्मत जुटाई और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की। साथ ही बैंक शाखा प्रबंधक को भी सूचना दी। इसके बाद थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

साइबर अपराध से बचाव

यह घटना एक बड़ी सीख देती है कि

  • किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें।
  • सरकारी एजेंसियां कभी इस तरह पैसे ट्रांसफर करने का दबाव नहीं डालतीं।
  • संदिग्ध कॉल आते ही तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।

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