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शीतल देवी ने वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास

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शीतल देवी ने वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास

BY: MOHIT JAIN

भारत की पैरा आर्चरी खिलाड़ी शीतल देवी ने अपनी मेहनत और हिम्मत के दम पर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। चीन के ग्वांग्जू शहर में चल रही वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में महज 18 साल की उम्र में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया।

बिना हाथों के गढ़ा सुनहरा इतिहास

शीतल देवी पहली ऐसी पैरा आर्चर बनी हैं जिन्होंने बिना हाथों के गोल्ड मेडल जीतने का कारनामा किया है। वे अपने पैरों और ठुड्डी की मदद से तीर चलाती हैं। यह जीत न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा की मिसाल है।

फाइनल मुकाबले का रोमांच

महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में शीतल का सामना तुर्की की नंबर-1 पैरा आर्चर ओजनूर क्यूर गिर्डी से हुआ।

  • पहले राउंड में दोनों का स्कोर 29-29 रहा।
  • दूसरे राउंड में शीतल ने लगातार तीन 10 अंक मारकर बढ़त बना ली।
  • तीसरे राउंड में मुकाबला बराबरी पर रहा, जबकि चौथे राउंड में अंतर सिर्फ एक अंक का था।
  • आखिरी और पांचवें राउंड में शीतल ने कमाल दिखाते हुए लगातार 30 अंक जुटाए और मैच 146-143 से अपने नाम कर लिया।

देश के लिए गर्व का क्षण

यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि शीतल इस चैंपियनशिप में बिना हाथों वाली इकलौती पैरा आर्चर थीं। उनकी जुझारू भावना और अदम्य साहस ने उन्हें गोल्ड मेडल जिताकर देश को गौरवान्वित किया है।

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