BY: Yoganand Shrivastva
इजराइल ने यमन की राजधानी सना में अब तक का सबसे बड़ा एयरस्ट्राइक किया है। इस हमले में दावा किया जा रहा है कि हूथियों के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी, रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों को निशाना बनाया गया और कई की मौत हुई है।
इजराइली सेना के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब हूथियों के शीर्ष नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती का रिकॉर्ड किया गया भाषण प्रसारित हो रहा था। इजराइल ने कहा कि यह एयरस्ट्राइक हूथियों द्वारा उनके ऊपर दागे गए ड्रोन के जवाब में किया गया था। हमला इतना तगड़ा था कि सना में प्रधानमंत्री रहावी और मंत्रिमंडल के लगभग 10 सदस्य मारे गए।
हूतियों की ओर से भी इस हमले की पुष्टि की गई है और बताया गया है कि हमला तब हुआ जब मंत्रियों की एक बैठक चल रही थी। घटना ने यमन में राजनीतिक अस्थिरता और तनाव को और बढ़ा दिया है।
इजराइल-हमास संघर्ष और मानवीय संकट
इजराइल और हमास के बीच 22 महीने से जारी संघर्ष में गाजा में अब तक 63,025 फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइली हमलों के कारण नागरिकों, महिलाओं और बच्चों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी ने चेतावनी दी है कि गाजा शहर में भुखमरी का संकट गंभीर रूप ले रहा है। विश्व खाद्य कार्यक्रम की कार्यकारी निदेशक सिंडी मैकेन ने कहा कि उन्होंने गाजा में हालात व्यक्तिगत रूप से देखे और वहां माताओं और बच्चों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक पहलू
इस घटना के बाद वैश्विक ध्यान यमन और मध्यपूर्व की सुरक्षा स्थिति की ओर बढ़ गया है। इजराइल-हूतियों संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर डाला है और कई देशों के विदेश मंत्री और अंतरराष्ट्रीय संगठन मानवीय मदद पर जोर दे रहे हैं।
इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी चिंता व्यक्त की है कि गाजा में लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा है और क्षेत्र में मानवीय संकट गंभीर है।





