यमन की राजधानी सना में इजराइली एयरस्ट्राइक में हूती विद्रोहियों के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत हो गई है। इस हमले में उनकी सरकार के कई मंत्री भी हताहत हुए हैं। इजराइल ने दावा किया है कि उसने हूती आतंकवादी शासन के सैन्य ठिकाने पर सटीक हमला किया।
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एयरस्ट्राइक में अहमद अल-रहावी की मौत
- हूती विद्रोहियों ने बयान जारी कर पुष्टि की कि प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी गुरुवार को सना में हुए हमले में मारे गए।
- विद्रोहियों के अनुसार, रहावी अगस्त 2024 से हूती नेतृत्व वाली सरकार के प्रधानमंत्री के पद पर कार्यरत थे।
- हमले के समय वे अपने मंत्रियों के साथ पिछले वर्ष की गतिविधियों और प्रदर्शन की समीक्षा बैठक में शामिल थे।
इजराइल और हूती विद्रोहियों के बीच टकराव
- गाजा में हमास के खिलाफ चल रहे युद्ध के दौरान हूती विद्रोहियों ने बार-बार इजराइल पर मिसाइल हमले किए।
- हूतियों का दावा है कि ये हमले फिलिस्तीनियों के समर्थन में किए जाते हैं।
- इजराइल की ओर से बताया गया कि अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, लेकिन हमले जारी रहे।
इजराइल की रणनीति और गाजा संकट
- इजराइल ने गाजा सिटी को युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है।
- आने वाले दिनों में इजराइल ने चेतावनी दी है कि वह गाजा के उत्तरी हिस्से में मानवीय सहायता की आपूर्ति को रोक देगा या सीमित कर देगा।
- इसके तहत:
- हवाई मार्ग से मानवीय सहायता पहुंचाने पर रोक लगाई जाएगी।
- मदद सामग्री लाने वाले ट्रकों की संख्या में कटौती की जाएगी।
- इजराइल का कहना है कि गाजा सिटी हमास का गढ़ है और सुरंग नेटवर्क का इस्तेमाल अब भी जारी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा तनाव
- अहमद अल-रहावी की मौत से यमन और मध्य-पूर्व की राजनीति में नया भूचाल आ सकता है।
- हूती विद्रोही पहले से ही ईरान समर्थित माने जाते हैं, और उनकी सक्रियता इजराइल-हमास युद्ध के दौरान और तेज हो गई थी।
- यह हमला न केवल यमन बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है।
इजराइली एयरस्ट्राइक में हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और उनके मंत्रियों की मौत से मध्य-पूर्व का भू-राजनीतिक संकट और गहराएगा। गाजा में हमास के खिलाफ चल रहे युद्ध के बीच यह घटना इजराइल और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव को और भड़का सकती है।





