रिपोर्टर- सुनील कुमार ठाकुर
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) रामानुजगंज ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है। न्यायालय ने चंद्र प्रकाश मिंज, संदीप तिर्की और विनोद एक्का को आजीवन कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अगर आरोपियों ने यह राशि चुकाई नहीं, तो उन्हें अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी।
मामला क्या था?
यह घटना उस समय की है जब पीड़िता अपनी चचेरी बहन के घर शादी समारोह में शामिल होने आई थी। शादी के दौरान आरोपियों ने उसे आइसक्रीम का लालच दिया और उसे पास की पुलिया तक ले गए। वहां, आरोपियों ने बारी-बारी से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद, आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और उसे इस घटना की जानकारी किसी को देने से मना किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की शिकायत मिलने पर कुसमी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध दर्ज किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस द्वारा की गई त्वरित जांच में चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की गई।
अदालत का फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान, विशेष न्यायालय ने सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने इस जघन्य अपराध को गंभीर मानते हुए सख्त रुख अपनाया और तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
विशेष लोक अभियोजक का बयान
इस फैसले पर विशेष लोक अभियोजक, राजेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा, “यह सजा न केवल इस मामले में न्याय की ओर एक कदम है, बल्कि समाज में नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति जागरूकता और सख्ती बढ़ाने का भी संदेश है।”





