फतेहपुर मंदिर-मकबरा विवाद विधानसभा में गूंजा, कई नेताओं के बयान आए सामने

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BY: Yoganand Shrivastva

लखनऊ: फतेहपुर में मंदिर और मकबरे को लेकर उपजे विवाद ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में माहौल गर्मा दिया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रदेश में जानबूझकर सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि मदरसा और मज़ार को नुकसान पहुंचाकर माहौल अस्थिर करने की साजिश की जा रही है। विपक्ष ने इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की।


सरकार का पक्ष

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि घटना में न तो सरकार की कोई भूमिका है और न ही सरकारी मशीनरी की। उन्होंने बताया कि इस मामले में 10 नामजद और 50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जो भी कानून हाथ में लेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।


मायावती की प्रतिक्रिया

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि फतेहपुर में मकबरा और मंदिर को लेकर जारी विवाद में सरकार को सतर्क रहना चाहिए ताकि किसी भी समुदाय द्वारा ऐसा कदम न उठाया जाए, जिससे साम्प्रदायिक तनाव बढ़े या आपसी भाईचारा और सद्भाव बिगड़े। उन्होंने मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाए।


चंद्रशेखर का आरोप

आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि फतेहपुर में बीजेपी जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस बैरीकेड तोड़कर आबूनगर स्थित मकबरे में प्रवेश किया, मजार को क्षतिग्रस्त किया, भगवा झंडा लगाया, नारेबाजी की और पत्थरबाजी की। उनका कहना है कि यह सब पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हुआ, जो एक सुनियोजित साम्प्रदायिक हमला है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी को धार्मिक स्वतंत्रता देता है, लेकिन सत्ताधारी दल द्वारा एक समुदाय के धार्मिक स्थल को निशाना बनाना लोकतंत्र और सामाजिक एकता पर सीधा हमला है।


सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई

जिले में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने मकबरे के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाली सड़कों को बंद कर दिया है। पूरा इलाका अब ड्रोन निगरानी में है। अधिकारियों ने बताया कि मकबरे के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत सोमवार रात तक पूरी कर ली गई।


विवाद की पृष्ठभूमि

सोमवार को हिंदू संगठनों के कुछ सदस्यों ने फतेहपुर जिले के एक मकबरे में प्रवेश कर हंगामा किया और धार्मिक नारे लगाए। उनका दावा था कि नवाब अबू समद का यह मकबरा उसी स्थान पर बना है जहां पहले एक प्राचीन मंदिर था। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और शांति भंग करने के आरोप में 150 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह ने कहा कि उनके पास कई वीडियो हैं जिनमें लोग भगवा झंडे लिए “जय श्री राम” के नारे लगाते दिख रहे हैं। हालांकि, किसी के पास हथियार नहीं था।

नामजद आरोपियों में बजरंग दल नेता धर्मेंद्र सिंह, भाजपा नेता अभिषेक शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह, भाजपा नेता देवनाथ धाकड़, नगर पालिका सभासद विनय तिवारी, पुष्पराज पटेल, रितिक पाल, भाजपा के प्रसून तिवारी और समाजवादी पार्टी नेता पप्पू चौहान शामिल हैं।

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