मुरैना जिले में 11वीं कक्षा के छात्र ने खुद का अपहरण दिखाने के लिए एक खतरनाक साजिश रची। छात्र ने इंस्टाग्राम कॉल के जरिए अपने ही परिवार से 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी। लेकिन CCTV फुटेज और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस झूठी कहानी का पर्दाफाश कर दिया।
गुमशुदगी से शुरू हुई कहानी
- 28 जुलाई को अंबाह थाना क्षेत्र का छात्र भूपेंद्र शर्मा लापता हो गया।
- परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
- अगले ही दिन उसकी बहन को इंस्टाग्राम पर फिरौती कॉल आया।
परिवार इस कॉल से सकते में आ गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
CCTV फुटेज से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस की साइबर टीम ने मुरैना और अंबाह क्षेत्र के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के CCTV फुटेज खंगाले।
- ग्वालियर रेलवे स्टेशन के कैमरे में भूपेंद्र अकेला बैठा नजर आया।
- पुलिस ने सुराग मिलने पर सर्च तेज किया और वहीं से मामले का खुलासा हुआ।
दो युवकों से बना साजिश का साथी
स्टेशन पर भूपेंद्र की मुलाकात ग्वालियर के दो युवकों, बिट्टा और राहुल, से हुई।
- उन्होंने उससे बातचीत की और मदद का भरोसा दिलाया।
- भूपेंद्र ने उन्हें अपने फर्जी अपहरण के प्लान में शामिल कर लिया।
- दोनों युवकों ने उसके साथ मिलकर झूठी फिरौती योजना को अंजाम दिया।
अपहरण जैसा माहौल बनाने के लिए फोटोशूट
साजिश को असली दिखाने के लिए भूपेंद्र और उसके साथियों ने:
- मेडिकल स्टोर से पट्टी खरीदी,
- सिर और हाथ बांधकर उसकी बंधक जैसी तस्वीरें खींची,
- और ग्वालियर किले की तलहटी में यह फोटोशूट किया।
इसके बाद बहन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कॉल कर 30 लाख की मांग की गई।
पुलिस की सतर्कता से विफल हुई साजिश
मुरैना के एसपी समीर सौरभ ने बताया कि पुलिस ने इस केस को बड़ी चुनौती मानकर काम किया।
- कई जगह के CCTV फुटेज खंगाले गए।
- ग्वालियर स्टेशन से मिली बड़ी लीड के बाद छात्र को बरामद किया गया।
- अब बिट्टा और राहुल के साथ-साथ भूपेंद्र को भी आरोपी बनाया जाएगा।
यह मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया और तकनीक का गलत इस्तेमाल कैसे परिवारों और समाज में डर और असमंजस फैला सकता है। पुलिस की मुस्तैदी और CCTV निगरानी ने इस फर्जी अपहरण की सच्चाई सामने ला दी।





