भगवान जगन्नाथ के चित्र वाले पायदान पर विवाद: मंदिर प्रशासन ने ई-कॉमर्स पोर्टल पर दर्ज कराया केस

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भगवान जगन्नाथ के चित्र वाले पायदान पर विवाद: मंदिर प्रशासन ने ई-कॉमर्स पोर्टल पर दर्ज कराया केस

ओडिशा में बड़ा विवाद तब खड़ा हो गया जब चीनी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अलीएक्सप्रेस (AliExpress) पर भगवान जगन्नाथ की तस्वीर वाला पायदान बिकते पाया गया। यह खबर फैलते ही पूरे राज्य में आक्रोश का माहौल बन गया।

धार्मिक भावनाओं के आहत होने पर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने गुरुवार को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। प्रशासन ने कहा कि इस तरह का कृत्य न केवल असंवेदनशील है बल्कि पूरी दुनिया के हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँचाता है।


मंदिर प्रशासन की सख्त प्रतिक्रिया

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

  • शिकायत दर्ज: SJTA ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
  • धार्मिक भावनाएं आहत: प्रशासन का कहना है कि ई-कॉमर्स पोर्टल की इस हरकत से करोड़ों भक्तों की भावनाएं दुखी हुई हैं।
  • वैश्विक आस्था का मुद्दा: मंदिर प्रशासन ने यह भी कहा कि जगन्नाथ जी केवल ओडिशा के ही नहीं बल्कि विश्वभर के हिंदुओं की आस्था के प्रतीक हैं।

डिप्टी सीएम प्रवती परिदा की तीखी आलोचना

ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने इस घटना को बेहद आपत्तिजनक करार दिया। उन्होंने कहा:

“महाप्रभु जगन्नाथ प्रत्येक ओडिया की आत्मा और भावनाओं से गहराई से जुड़े हैं। मैं चीनी ई-कॉमर्स मंच अलीएक्सप्रेस द्वारा महाप्रभु जगन्नाथ की छवि वाले पायदान बेचने की कड़ी निंदा करती हूं। कंपनी को तुरंत बिक्री रोकनी चाहिए और भक्तों से माफी मांगनी चाहिए।”

उनकी मांग है कि कंपनी न केवल माफी मांगे बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सख्त कदम उठाए।


भक्तों में आक्रोश और सोशल मीडिया पर गुस्सा

जैसे ही यह मामला सामने आया, सोशल मीडिया पर विरोध की लहर दौड़ पड़ी।

  • ट्विटर और फेसबुक पर #RespectJagannath और #StopAliExpress जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
  • कई यूजर्स ने अलीएक्सप्रेस का बहिष्कार करने की अपील की।
  • भक्तों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

आगे क्या होगा?

अब पूरा देश इस मामले की गंभीरता पर नज़र रखे हुए है।

  • पुलिस जांच: शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस कानूनी कार्रवाई शुरू कर चुकी है।
  • संभावित बैन: विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में संबंधित प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की भी संभावना हो सकती है।
  • आस्था की सुरक्षा: यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले प्रोडक्ट्स की मॉनिटरिंग कितनी सख्ती से होनी चाहिए।

भगवान जगन्नाथ की छवि वाले पायदान की बिक्री केवल एक व्यावसायिक गलती नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है। मंदिर प्रशासन और सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं, और अब भक्त उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों को उचित सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसे आपत्तिजनक कृत्य दोहराए नहीं जाएंगे।

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