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चीन रेयर-अर्थ मैग्नेट शिपमेंट में 158% उछाल | जून 2025 व्यापार समझौता असर

चीन रेयर-अर्थ मैग्नेट शिपमेंट

चीन रेयर-अर्थ मैग्नेट शिपमेंट में जून 2025 के दौरान जबरदस्त उछाल देखा गया है। अमेरिका सहित कई देशों को किए गए इन निर्यातों में 158% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उछाल वैश्विक सप्लाई संकट और व्यापार तनाव के बीच हुआ है, जिसके चलते कई फैक्ट्रियों के बंद होने की आशंका थी।


व्यापार समझौते के बाद बढ़ा चीन का रेयर-अर्थ मैग्नेट निर्यात

जून महीने में चीन से कुल 3,188 टन रेयर-अर्थ मैग्नेट का निर्यात हुआ, जो मई के मुकाबले दोगुना से भी अधिक है। मई 2025 में यह आंकड़ा 1,238 टन था। खास बात यह रही कि अमेरिका को भेजा गया निर्यात 46 टन से बढ़कर 353 टन हो गया।

इस भारी बढ़ोतरी की मुख्य वजह जून में जिनेवा में हुआ व्यापार समझौता है, जिसमें अमेरिका और चीन ने आपसी तनाव कम करने का निर्णय लिया था। इस समझौते के तहत चीन ने अमेरिका को पूरी सप्लाई बहाल करने का आश्वासन दिया था।


रेयर-अर्थ मैग्नेट पर चीन के नियंत्रण का वैश्विक असर

चीन ने अप्रैल की शुरुआत में 17 में से 7 रेयर-अर्थ एलिमेंट्स पर नियंत्रण लगा दिया था। इसका असर सिर्फ कच्चे माल पर नहीं बल्कि उन मैग्नेट्स पर भी पड़ा, जो ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन), स्मार्टफोन और लड़ाकू विमानों जैसी हाईटेक तकनीक में उपयोग होते हैं।

इस नियंत्रण के बाद अमेरिकी उद्योगों पर भारी दबाव बन गया था, जिसके चलते तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत का रास्ता चुना और व्यापार संघर्ष को विराम देने पर सहमति बनी।


अमेरिका को चीन से सप्लाई अभी भी धीमी: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव

हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 1 जुलाई को यह बयान दिया कि चीन से रेयर-अर्थ मैग्नेट शिपमेंट में वृद्धि तो हुई है, लेकिन यह गति अभी भी उम्मीद के अनुरूप नहीं है।

इससे संकेत मिलता है कि अभी पूरी सप्लाई चेन पटरी पर लौटने में समय लगेगा और अमेरिका जैसी तकनीक-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं को अपने वैकल्पिक स्रोतों पर भी ध्यान देना होगा।


चीन रेयर-अर्थ मैग्नेट शिपमेंट: रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से अहम

चीन रेयर-अर्थ मैग्नेट शिपमेंट की यह वृद्धि सिर्फ व्यापारिक नहीं बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चूंकि रेयर-अर्थ मैग्नेट्स का उपयोग रक्षा, अंतरिक्ष, मोबाइल, ऑटोमोटिव और एनर्जी जैसे कई क्षेत्रों में होता है, इसलिए इनका निर्यात किसी भी देश की आर्थिक कूटनीति का हिस्सा बन जाता है।


निष्कर्ष: क्या यह अस्थायी राहत है या स्थायी समाधान?

हालांकि चीन ने इस वक्त निर्यात बढ़ाया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह रेयर-अर्थ मैग्नेट शिपमेंट में स्थायी सुधार है या सिर्फ व्यापार समझौते के दबाव में किया गया एक अस्थायी निर्णय। आने वाले महीनों में यदि आपूर्ति स्थिर रहती है, तभी वैश्विक बाजार में स्थिरता लौटेगी।

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