जामताड़ा में डंपर मालिकों में खलबली

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Not Lohardaga, but Jamtara is in panic among dumper owners

रिपोर्ट- रतन कुमार मंडल

स्थिति और बैठकों का दौर

जामताड़ा: ईसीएल चित्रा कोलियरी द्वारा हाल ही में जारी आदेश से, सैकड़ों डंपर और टीपर वाहन मालिकों की रोज़ी-रोटी पर संकट उत्पन्न हो गया है। रविवार को गांधी मैदान के पास इस विषय पर डंपर मालिकों की बैठक बुलाई गई। बैठक में भाजपा नेता व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने भी हिस्सा लिया और विरोध को संगठित रूप दिया।

राजनेताओं की मुखर भूमिका

बैठक में, डंपर मालिकों ने बताया कि पिछले 30 वर्षों से वे कोयला ढुलाई करते आ रहे हैं, जिससे उन्हें लाखों रुपये खर्च कर दस्तावेज तैयार करने पड़े। अब अचानक हाईवा वाहनों को प्राथमिकता मिलने से उनके दशकों के जमीनी व्यवसाय पर संकट मंडरा रहा है।

कार्रवाई और चेतावनी

बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही ईसीएल चित्रा के जीएम, जामताड़ा डीसी व एसडीओ को औपचारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही, धरना प्रदर्शन, रोड जाम जैसी चेतावनियाँ भी दी गई हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो कोयला ढुलाई पूरी तरह ठप हो सकती है।

सन्दर्भ: पूर्व झड़पें और आलोचनाएँ

हाल ही में इसी क्षेत्र में ईसीएल द्वारा हाईवा ट्रकों से कोयला ढुलाई की ट्रायल को लेकर ग्रामीण एवं डंपर मालिकों ने विरोध जताया था। इस दौरान सीआईएसएफ और ईसीएल सुरक्षा कर्मियों पर हमला भी हुआ, जिससे कई सुरक्षा कर्मी घायल हो गए थे।
इसके तुरन्त बाद डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि “अनफिट डंपरों से कोयला परिवहन की अनुमति नहीं दी जाएगी”।