बिना पर्ची-बिना खर्ची, पक्की सरकारी नौकरी, 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्रों का वितरण

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No slip, no expense, permanent government job, appointment letters distributed to 51,000 youth

देश में 47 जगहों पर हुआ रोजगार मेलों का आयोजन

BY: VIJAY NANDAN

देशभर में 47 ज़गह रोजगार मेलों में 51हज़ार युवाओं को सरकारी नियुक्ति‑पत्र दिए गए.. इसके पहले केंद्र सरकार ने ‘नौकरी पाओ, नकद ले जाओ’ योजना शुरू की थी. इससे साढ़े तीन करोड़ नए रोजगार सृजन की उम्मीद है. सरकारी नौकरी और रोजगार के मामले में राज्यों में क्या कोशिश हो रही है. इस पर भी बात करेंगे. लेकिन दूसरी ओर वही सरकारी आँकड़े बताते हैं कि मई 2025 में बेरोज़गारी दर 5.6% पर आंकी गई. तो सवाल यह है कि क्या ये ताज़ा नियुक्तियाँ वाकई बेरोज़गारी की जड़ पर प्रहार हैं या सिर्फ़ चुनावी शोपीस? “बिना पर्ची‑बिना खर्ची” का नारा ज़मीन पर कितना पारदर्शी है? निजी सेक्टर के लिए 1 लाख करोड़ का पैकेज, उद्योगों को नई जान देगा या आंकड़ों का खेल है? रोजगार मेले और केंद्र बनाम राज्य योजनाएँ, किसका मॉडल युवाओं के भविष्य को ज्यादा सुरक्षित करता है? इन्हीं बड़े सवालों पर ये खास रिपोर्ट पढ़िए।

ये तस्वीरें उस रोजगार महाअभियान का हिस्सा हैं, जिसके तहत केंद्र सरकार देश में बेरोजगारी पर प्रहार कर रही है.. देशभर में आज 47 जगह पर रोजगार मेलों का आयोजन हुआ. बिना पर्ची बिना खर्ची…देशभर के 51 हजार से ज्यादा युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी दी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले में वर्चुअली हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी किए. नियुक्ति पत्र जारी करने के बाद पीएम मोदी ने कहा “केंद्र सरकार में युवाओं को पक्की नौकरी देने का हमारा अभियान लगातार जारी है. हमारी पहचान भी है बिना पर्ची बिना खर्ची. आज 51000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं. ऐसे रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक लाखों नौजवानों को भारत सरकार में पक्की नौकरी मिल चुकी है.

दूसरी तरफ केंद्र का प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए अवसरों के निर्माण पर भी जोर है. हाल ही में सरकार ने एक नई स्कीम के तहत रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना शुरू की है. इसके अंतर्गत प्राइवेट सेक्टर में पहली बार रोजगार पाने वाले युवा को 15 हजार रुपए दिए जाएंगे. इसके लिए सरकार ने करीब 1 लाख करोड़ रुपए का बजट बनाया है, इस योजना से लगभग 3.5 करोड़ रोजगार के निर्माण में मदद मिलेगी.

इधर मध्यप्रदेश में भी डॉ. मोहन यादव सरकार बेरोजगारी पर प्रहार कर रही है. हाल ही में सरकार ने बिजली कंपनी में 30 हजार नए पदों पर सीधी भर्ती करने का निर्णय लिया है। इसके साथ 13,000 से अधिक शिक्षकों के पद  भरे जाएंगे। हालांकि मध्य प्रदेश में विपक्ष राज्य सरकार के निवेश और रोजगार सृजन अभियान से संतुष्ट नहीं है।

उधर उत्तर प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है. यूपी रोडवेज में 5 हजार महिला परिचालक की नियुक्ति होगी. इसके अलावा 44 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है. नवंबर महीने से राज्य के स्कूलों में एक लाख 93 हजार रिक्त पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. राज्य में 60,000 से अधिक कॉन्स्टेबल के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है.

MoSPI बेरोजगारी मासिक मीटर

  • मई 2025 में दर 5.6%
  • शहरी क्षेत्रों में दर 17.9%
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 13.7%
  • युवा 15-29 आयु वर्ग में दर 15%
  • पुरुष- 5.6% और महिला- 5.8% 
  • हेडर-  बिना पर्ची-बिना खर्ची, पक्की सरकारी नौकरी
  • 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्रों का वितरण

केंद्र सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम किर्यान्वयन मंत्रालय ने पहली बार मासिक आधार पर श्रम बल सर्वेक्षण  जारी किया है, जिससे देश में वास्तविक समय में बेरोजगारी की निगरानी की जा सके। (GFX IN) देश में बेरोजगारी की दर की बात करें मई माह 2025 में बेरोजगारी दर 5.6% थी। शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 17.9% थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 13.7% थी. युवा बेरोजगारी की बात करें तो 15 से 29 आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी दर 15% थी. पुरुष और महिला बेरोजगारी के आंकड़ों पर गौर करें तो मई में पुरुषों में बेरोजगारी दर 5.6% और महिलाओं में 5.8% थी. (gfx out) सरकार इन आंकड़ों को कम करने ना सिर्फ सरकारी स्तर पर बल्कि बड़े पैमाने पर निवेश के जरिए निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन के माध्यम से आंकड़ों को कम करने की कोशिश में जुटी है। हालांकि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्षों में बेरोजगारी की दर बढ़ रही है. अब सरकारों के प्रयास कितने सार्थक होंगे ये आने वाले समय में स्पष्ट होगा।