रिपोर्ट: सुरेंद्र सोरेन
झारखंड के गिरिडीह जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां राजस्व विभाग में कार्यरत कर्मचारी आलोक रंजन को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ACB धनबाद की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गावां अंचल कार्यालय में अंजाम दी गई।
क्या है पूरा मामला?
परिवादी की मां गायत्री देवी के नाम पर मौजा-सांख, खाता संख्या-194, प्लॉट संख्या-194 एवं 280, रकवा-18.64 डिसमिल जमीन दर्ज है। इस जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के लिए परिवादी ने ऑनलाइन आवेदन दिया था और सभी ज़रूरी दस्तावेज लेकर हल्का नंबर 09 के राजस्व कर्मचारी आलोक रंजन से संपर्क किया।
लेकिन आलोक रंजन ने काम के बदले ₹50,000 की रिश्वत की मांग की। परेशान होकर परिवादी ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में इसकी शिकायत की।
रिश्वत लेते पकड़ा गया कर्मचारी
ACB ने शिकायत की जांच के बाद प्लानिंग के तहत जाल बिछाया। जैसे ही आलोक रंजन ने ₹20,000 की पहली किस्त के रूप में रिश्वत की राशि ली, ACB की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
ACB की सख्त कार्रवाई
ACB धनबाद की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है। आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है।





