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इज़राइल-ईरान तनाव से शेयर बाजार ध्वस्त: सेंसेक्स 900 अंक लुढ़का, निफ्टी में 250 अंकों की गिरावट

13 जून को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई, जिसकी सबसे बड़ी वजह इज़राइल का ईरान पर हमला रहा। सेंसेक्स 900 अंक यानी 1.10% की गिरावट के साथ 80,800 पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 250 अंक टूटकर 24,600 के स्तर पर है।

सभी सेक्टर्स में गिरावट, एयरलाइन स्टॉक्स सबसे ज्यादा प्रभावित

सेंसेक्स के सभी 30 स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, ऑटो, आईटी और ऑयल एंड गैस सेक्टर्स पर रहा।

एयरलाइन सेक्टर में गिरावट के मुख्य कारण:

  • एयर इंडिया विमान हादसा: इससे एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई।
  • इंडिगो: 4% की गिरावट
  • स्पाइसजेट: करीब 3% टूटा
  • टाटा ग्रुप शेयर: एयर इंडिया के ऑपरेटर टाटा ग्रुप के सभी स्टॉक्स में भी गिरावट

शेयर बाजार में गिरावट के दो प्रमुख कारण

1. इज़राइल का ईरान पर हमला

  • इज़राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों और मिलिट्री साइट्स पर एयरस्ट्राइक की।
  • मिडिल ईस्ट में युद्ध की आशंका बढ़ी, जिससे ग्लोबल इन्वेस्टर्स घबरा गए।
  • निवेशकों ने बाजार से पूंजी निकालनी शुरू कर दी।

2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

  • ब्रेंट क्रूड की कीमत 10% से ज्यादा बढ़कर 78 डॉलर/बैरल हुई।
  • नायमैक्स क्रूड भी 12% चढ़ा।
  • भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इससे महंगाई और बढ़ सकती है।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों की स्थिति

एशियाई बाजार:

  • जापान का निक्केई: 507 अंक (1.33%) गिरकर 37,665 पर
  • कोरिया का कोस्पी: 31 अंक गिरकर 2,888 पर
  • हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग: 171 अंक की गिरावट
  • चीन का शंघाई कंपोजिट: 24 अंक टूटकर 3,378 पर

अमेरिकी बाजार (12 जून):

  • डाउ जोन्स: 0.24% की तेजी से 42,967 पर बंद
  • NASDAQ: 0.24% चढ़कर 19,662 पर
  • S&P 500: 0.38% की तेजी

अन्य ताजा अपडेट्स

1. ओसवाल पंप्स का IPO हुआ ओपन

  • पंप और मोटर निर्माता कंपनी Oswal Pumps का IPO 13 जून से 17 जून तक खुला रहेगा।
  • शेयर 20 जून को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।
  • कंपनी ₹1,387.34 करोड़ जुटाना चाहती है:
    • ₹890 करोड़ फ्रेश इश्यू
    • ₹497.34 करोड़ OFS

2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी

  • ब्रेंट क्रूड: 78 डॉलर/बैरल के पार
  • नायमैक्स क्रूड: 12% चढ़कर 78 डॉलर/बैरल
  • सप्लाई में रुकावट की आशंका से कीमतों में तेजी बनी हुई है।

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निवेशकों को क्या करना चाहिए?

इज़राइल-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि जैसे भू-राजनीतिक कारकों ने बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे समय में निवेशकों को सतर्कता से निर्णय लेने की जरूरत है:

  • लंबी अवधि के निवेश को होल्ड करें
  • नए निवेश से पहले बाज़ार की स्थिरता का इंतजार करें
  • जियोपॉलिटिकल घटनाओं पर नज़र रखें

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