अगर आप बाजार से नामी ब्रांड की पैक्ड पानी की बोतल खरीदकर पीते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। ग्रेटर नोएडा में नकली पानी बेचने का एक बड़ा खेल पकड़ा गया है, जिसमें बिल्सेरी और ब्लेसरी जैसे मशहूर ब्रांड के नाम पर लोगों को धोखा दिया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस चल रहे दो फर्जी प्लांट्स पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली पानी की बोतलें जब्त की हैं।
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क्यों यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है?
- लोग स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित समझकर ब्रांडेड पानी का इस्तेमाल करते हैं।
- लेकिन नकली ब्रांडिंग और घटिया क्वालिटी का पानी स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
- इस मामले से यह साफ हो गया है कि बाजार में फर्जी उत्पाद कितनी आसानी से पहुंच रहे हैं।
कार्रवाई का पूरा विवरण
छापा और जब्ती:
- खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीम ने ग्रेटर नोएडा के साइट-5 कासना क्षेत्र में दो पानी पैकिंग प्लांट्स पर एक साथ छापा मारा।
- ये प्लांट बिना किसी वैध लाइसेंस के चलाए जा रहे थे।
- जप्त की गई कुल बोतलें: 13,696 (बिल्सेरी और ब्लेसरी ब्रांड नाम की नकली बोतलें)
दोनों प्लांट्स से मिली जानकारी:
| प्लांट का नाम | जब्त बोतलें | ब्रांड नाम | स्थिति |
|---|---|---|---|
| गुप्ता इंटरप्राइजेज | 6,252 | बिल्सेरी | बिना लाइसेंस, सील |
| पैरामेट्रो वासर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड | 6,856 | ब्लेसरी | बिना लाइसेंस, सील |
पानी का स्रोत और नकली पैकिंग का तरीका
- प्लांट में बोरवेल से पानी खींचकर बोतलों में भरा जाता था।
- फिर उसे नामी ब्रांड्स की नकली पैकिंग में सील कर दिया जाता था।
- ऐसे पानी की गुणवत्ता की कोई जांच नहीं होती थी, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
आगे की कार्रवाई
- खाद्य विभाग ने दोनों प्लांट्स के खिलाफ ADM कोर्ट में वाद दायर किया है।
- प्रस्तावित जुर्माना: ₹10 लाख प्रति प्लांट
- पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं ताकि गुणवत्ता की पुष्टि की जा सके।
अधिकारियों का बयान
- सर्वेश मिश्रा (सहायक आयुक्त, खाद्य) और वीरेंद्र द्विवेदी (मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी) के नेतृत्व में छापेमारी की गई।
- डीएम मनीष वर्मा के निर्देशानुसार मिलावटखोरों पर अभियान चलाया जा रहा है।
- टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी इबादुल्लाह, मुकेश कुमार और अमर बहादुर सरोज शामिल थे।
जनता के लिए चेतावनी
अगर आप भी ब्रांडेड बोतलबंद पानी खरीदते हैं, तो इन बातों पर ध्यान दें:
- बोतल की सील जांचें – असली बोतलों की सील टाइट और ब्रांड लेबल स्पष्ट होता है।
- QR कोड या बैच नंबर स्कैन करके असली उत्पाद की पुष्टि करें।
- संदेह हो तो शिकायत करें – किसी भी नकली उत्पाद की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को तुरंत दें।
स्वास्थ्य से न करें समझौता
यह मामला इस बात की गंभीर चेतावनी है कि कैसे नामी ब्रांड्स के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। नकली बोतलबंद पानी सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। इसलिए, सतर्क रहें, जागरूक बनें और नकली उत्पादों की पहचान करें।





