सुकमा। जिले में नक्सल विरोधी अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। बटालियन नंबर-1 में सक्रिय 4 हार्डकोर नक्सलियों समेत कुल 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें से दो नक्सलियों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था, यानी कुल 39 लाख रुपये के इनामी नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
ये नक्सली सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। लंबे समय से ये सुरक्षाबलों की हिट लिस्ट में थे।
पुनर्वास नीति और ‘नियद नेल्ला नार योजना’ से प्रेरित होकर इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। सुकमा एसपी किरण चव्हाण तथा सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सभी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
प्रशासन ने सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की है और उन्हें राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही है।
एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों और कल्याणकारी योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। आने वाले दिनों में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है।





