छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में आज झीरम घाटी नक्सली हमले की 12वीं बरसी पर कांग्रेस पार्टी द्वारा शहादत दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नक्सली हमले में शहीद हुए पार्टी नेताओं, सुरक्षा बलों के जवानों और निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
झीरम घाटी की यह हृदयविदारक घटना 25 मई 2013 को घटी थी, जिसमें कांग्रेस के कई शीर्ष नेता, जिनमें वरिष्ठ नेता नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित अनेक कार्यकर्ता और जवान शहीद हो गए थे। इस हमले ने राज्य की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया था।
आज शहादत दिवस के मौके पर कांग्रेस नेताओं ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर झीरम के शहीदों को याद किया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि “झीरम की शहादत हमारे संघर्ष की प्रेरणा है और हम शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया। प्रदेशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए।
कांग्रेस का यह आयोजन न केवल शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करने का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के बलिदान को कभी नहीं भूली है।





