रिपोर्ट: दुष्येन्द्र कुमार, बरेली
बरेली: बरेली के थाना शाही में तैनात मुख्य आरक्षी वाजिद हुसैन की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक दुःखद मृत्यु के बाद आज पुलिस लाइन में शोक परेड आयोजित कर उन्हें अंतिम सलामी दी गई। अधिकारियों व कर्मियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक नगर सहित अन्य अधिकारियों ने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और शोक सलामी दी। पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
शोक परेड के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी, क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम, क्षेत्राधिकारी यातायात, प्रतिसार निरीक्षक रिजर्व पुलिस लाइन बरेली सहित अन्य अधिकारीगण व पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर अपने साथी को अंतिम विदाई दी।

पिछले एक वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश में ड्यूटी के दौरान कई पुलिसकर्मियों की जान सड़क दुर्घटनाओं में चली गई। ये हादसे राज्य के अलग-अलग जिलों में हुए, जिनमें तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर, सड़क पर कार्यवाही के दौरान लापरवाही, या अन्य हादसे शामिल हैं। कानपुर देहात में एक हादसे में एक कांस्टेबल की मृत्यु हो गई और तीन अन्य घायल हो गए जब वे सड़क पर गिरे एक व्यक्ति की मदद कर रहे थे। इसी तरह, ग़ाज़ीपुर जिले में एक उपनिरीक्षक की मौत उस समय हुई जब उनकी कार अज्ञात वाहन से टकरा गई। मुज़फ्फरनगर में एक दर्दनाक हादसे में मुरादाबाद में तैनात कांस्टेबल और उनकी पत्नी की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में एक ऑटो पलटने से बांदा में तैनात एक उपनिरीक्षक की जान चली गई और सात अन्य लोग घायल हुए। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि पुलिसकर्मी न केवल अपराधियों से निपटते हैं, बल्कि सड़क पर ड्यूटी करते समय भी जान का जोखिम उठाते हैं। ये हादसे विभाग के लिए न केवल भावनात्मक क्षति हैं, बल्कि यह भी संकेत देते हैं कि ट्रैफिक सुरक्षा और फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है।





