अस्पताल की लापरवाही से इंसानियत शर्मसार
जौनपुर जिले के नईगंज इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल में हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां डॉक्टरों की लापरवाही और कथित लालच ने मानवता को झकझोर कर रख दिया।
तीन दिन पहले ही हो चुकी थी मौत, फिर भी जारी रहा इलाज का नाटक
जफराबाद निवासी शुभम निषाद, जो एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ था, उसे 10 दिन पहले इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन ICU में भर्ती शुभम की मौत तीन दिन पहले ही हो चुकी थी, फिर भी डॉक्टरों ने परिजनों को गुमराह कर यह भरोसा दिलाया कि उसका इलाज चल रहा है।
परिजन लगातार डॉक्टरों से शुभम की हालत के बारे में पूछते रहे, और हर बार जवाब मिलता – “ICU में है, हालत गंभीर है, लेकिन ठीक हो जाएगा।” लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी – शुभम का जीवन पहले ही समाप्त हो चुका था।

तीन दिन बाद जब सच सामने आया, मच गया हंगामा
तीन दिन बाद जब अस्पताल प्रशासन ने शुभम की मौत की खबर दी, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल में भारी हंगामा हुआ और दर्जनों की संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए। परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए।
पुलिस ने संभाला मामला, जांच जारी
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर शुभम की मौत कब हुई और अस्पताल प्रशासन ने तीन दिनों तक परिजनों को क्यों गुमराह किया।

परिजनों का आरोप – ‘हमसे लगातार झूठ बोला गया’
शुभम के परिजनों ने अस्पताल पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें तीन दिन तक शुभम से मिलने तक नहीं दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर भी उठे सवाल
यह कोई पहली घटना नहीं है जब किसी अस्पताल पर इस तरह की लापरवाही और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी और लचर निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।





