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9 महीने तक अंतरिक्ष में कैसे रहे सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर? जानें उनका भोजन और दिनचर्या

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BY: Yoganand shrivastva

नई दिल्ली: नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने के लंबे अंतरिक्ष प्रवास के बाद आखिरकार धरती पर लौट आए हैं। स्पेसX कैप्सूल के जरिए वे मंगलवार को फ्लोरिडा के तट पर सुरक्षित उतरे। दरअसल, यह मिशन केवल 8 दिनों के लिए तय किया गया था, लेकिन बोइंग के स्टारलाइनर यान में आई तकनीकी खराबी के कारण इसे बढ़ाकर 9 महीने करना पड़ा।

अंतरिक्ष में 9 महीने का सफर

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पृथ्वी से लगभग 409 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित एक शोध प्रयोगशाला है, जो पिछले 25 वर्षों से वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अमेरिका और रूस मिलकर इस स्टेशन का संचालन करते हैं।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर, दोनों ही अमेरिकी नौसेना के टेस्ट पायलट रह चुके हैं और बाद में नासा के अंतरिक्ष यात्री बने। विल्मोर, जो 62 वर्ष के हैं, टेनेसी में एक हाई स्कूल और कॉलेज फुटबॉल खिलाड़ी थे, जबकि 59 वर्षीय सुनीता विलियम्स मैसाचुसेट्स की रहने वाली हैं और एक कुशल तैराक व धाविका रही हैं।

अंतरिक्ष में भोजन कैसा था?

ISS पर रहने के दौरान विलियम्स और विल्मोर ने अलग-अलग प्रकार के भोजन का सेवन किया। शुरुआत में उन्हें ताजे फल और सब्जियां मिलीं, लेकिन तीन महीने के भीतर ये खत्म हो गए। इसके बाद वे मुख्य रूप से पैक और फ्रीज-ड्राई खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहे।

खाने में शामिल था:

  • नाश्ता: अनाज और पाउडर दूध
  • मुख्य भोजन: पिज्जा, भुना हुआ चिकन, झींगे का कॉकटेल, टूना
  • सूखे भोजन: सूप, स्टू और कैसरोल (इन्हें पानी मिलाकर तैयार किया जाता था)

खाना कैसे तैयार किया जाता था?

ISS पर सभी मांस और अंडे पहले से पकाए गए होते थे और अंतरिक्ष यात्री उन्हें केवल गर्म करते थे। पानी मिलाकर तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों को अंतरिक्ष स्टेशन के टैंकों से प्राप्त किया जाता था, जो लगभग 530 गैलन ताजे पानी को संग्रहित रखते हैं। इसके अलावा, वहां मौजूद रिसाइक्लिंग सिस्टम अंतरिक्ष यात्रियों के मूत्र और पसीने को भी शुद्ध कर दोबारा पानी में परिवर्तित कर देता था।

क्या वजन घटने की वजह भोजन की कमी थी?

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरिक्ष यात्रियों का वजन घटना भोजन की कमी के कारण नहीं था। प्रत्येक अंतरिक्ष यात्री को प्रतिदिन लगभग 3.8 पाउंड (1.7 किलोग्राम) भोजन दिया जाता था और किसी भी आपात स्थिति के लिए अतिरिक्त आपूर्ति भी रखी जाती थी।

9 महीने तक अंतरिक्ष में बिताए गए इस अप्रत्याशित समय ने विलियम्स और विल्मोर के धैर्य और साहस को साबित किया। तकनीकी कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने ISS पर रहकर अपने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया और अब सुरक्षित रूप से धरती पर लौट आए हैं।

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