रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव
Diwali 2026 security : भोपाल, त्योहार खुशियों के हों, बाजारों में रौनक हो और हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे… इसी लक्ष्य के साथ मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने पुलिस-प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी को त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर छोटे दुकानदारों को बाजार शुल्क से छूट देकर स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने की पहल की गई है।सीएम डॉ. मोहन यादव प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
Diwali 2026 security : कलेक्टर-SP को सख्त निर्देश
सरकार चाहती है कि प्रदेश में हर त्योहार शांति, सद्भाव और भाईचारे के माहौल में मनाया जाए।मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी जिलों में पुलिस तथा प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ काम करें।संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए और भीड़भाड़ वाले बाजारों, सार्वजनिक स्थानों तथा प्रमुख मार्गों पर नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए। सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए।कलेक्टर और एसपी अपने जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की स्वयं समीक्षा करें और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें।

Diwali 2026 security : त्योहार भी, सद्भाव भी, सुरक्षा भी, व्यापार भी
दीपावली के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अवैध एवं प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री तथा उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।विशेष रूप से खतरनाक कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग पर सख्ती से अंकुश लगाने को कहा गया है। इसके साथ ही त्योहारों के दौरान आगजनी, दुर्घटना और आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन, स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं को तैयार रखने पर भी जोर दिया गया है।
Diwali 2026 security : मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा को भी त्योहारों की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि बाजारों में नकली या मिलावटी मावा, खोया, घी, पनीर और मिठाइयों की बिक्री नहीं होने पाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्योहारों के अवसर पर ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को विशेष महत्व दिया है। उनका कहना है कि दीपावली जैसे त्योहारों पर स्थानीय स्तर पर काम करने वाले छोटे व्यापारियों, कारीगरों और मेहनतकश परिवारों के उत्पादों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि बड़े बाजारों में फल, फूल, दीपक, बाती, झालर और सजावट की सामग्री की अस्थायी दुकानें लगाने वाले छोटे दुकानदारों को तहबाजारी शुल्क से छूट दी जाए।
Diwali 2026 security : त्योहारों पर मोहन सरकार के निर्देश
स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन
छोटे व्यापारियों को राहत, बाजार शुल्क से छूट
कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री की सीधी नजर
प्रतिबंधित पटाखों और खतरनाक वस्तुओं पर सख्ती
त्योहारों में मिलावट पर रोक, आम लोगों के स्वास्थ्य की चिंता
‘वोकल फॉर लोकल’ – छोटे दुकानदारों, स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन
गरीब बस्तियों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में भी मनाएं दीपावली
सुरक्षित नागरिक, खुशहाल बाजार और मजबूत स्थानीय अर्थव्यवस्था
यानी सरकार का फोकस कानून-व्यवस्था के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने पर है। सुरक्षा और सौहार्द के साथ स्वदेशी बाजार को मजबूती देने की इस रणनीति के क्या हैं मायने?
सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण त्योहारों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश, स्थानीय व्यापारियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश, छोटे दुकानदारों को बाजार शुल्क से छूट देकर ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा
त्योहारों के दौरान प्रदेशवासियों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आनंदपूर्ण वातावरण मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री स्वयं प्रशासनिक तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
4 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशवासी दीपावली हर्ष और उल्लास के साथ मनाएं तथा कहीं भी असामाजिक गतिविधियों या अप्रिय घटनाओं की स्थिति निर्मित न हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिले त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा की पहले से पुख्ता तैयारी करें।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई हो।
मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी जिले में अव्यवस्था या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
Diwali 2026 security : इनसे बच्चों और आम नागरिकों को चोट पहुंचने का खतरा रहता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग को मिठाई एवं खाद्य सामग्री की जांच और नमूने लेने की कार्रवाई करने को कहा गया है, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।उन्हें दुकान लगाने और अपना सामान बेचने में अनावश्यक परेशान नहीं किया जाए।इस पहल से मिट्टी के दीपक बनाने वाले कुम्हारों, बाती बनाने वाले परिवारों, फूल विक्रेताओं, छोटे कारीगरों, रेहड़ी-पटरी वालों और स्थानीय व्यापारियों को त्योहार के दौरान कारोबार करने का बेहतर अवसर मिल सकता है।
मुख्यमंत्री की इस सोच का उद्देश्य है कि दीपावली की खरीदारी से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले।स्थानीय दुकानदारों से सामग्री खरीदें, जिससे उनकी मेहनत का पैसा स्थानीय बाजार और परिवारों तक पहुंचे।मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी दीपावली पर वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए धनतेरस से देवउठनी एकादशी तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यापारियों तथा हाथ ठेला वालों से बाजार शुल्क नहीं लेने की पहल की थी।
इससे स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहन देने की सरकार की निरंतर सोच सामने आती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि दीपावली केवल बाजारों और घरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक भी त्योहार की खुशियां पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे दीपावली के अवसर पर गरीब बस्तियों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में जाकर बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों के साथ त्योहार मनाएं।
यह पहल त्योहारों को सामाजिक सहभागिता, संवेदनशीलता और आपसी सहयोग से जोड़ने का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से की गई इन पहलों में दो महत्वपूर्ण संदेश स्पष्ट हैं।
पहला, प्रदेश के नागरिक बिना किसी भय और असुविधा के त्योहार मना सकें, इसके लिए पुलिस और प्रशासन पूरी जिम्मेदारी से काम करें।
दूसरा, त्योहारों की खरीदारी से स्थानीय कारीगरों, छोटे दुकानदारों और मेहनतकश परिवारों को भी आर्थिक लाभ मिले।
कानून-व्यवस्था की लगातार समीक्षा, प्रतिबंधित वस्तुओं पर रोक, अवैध शराब और नशे के खिलाफ कार्रवाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच और छोटे व्यापारियों को तहबाजारी से राहत जैसे कदम इसी व्यापक सोच का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रयास है कि मध्यप्रदेश में त्योहार केवल उत्सव का अवसर न रहें, बल्कि सामाजिक सद्भाव, नागरिक सुरक्षा, स्थानीय रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करें। सुरक्षित त्योहार, खुशहाल परिवार और समृद्ध स्थानीय व्यापार इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश सरकार प्रदेशवासियों के साथ त्योहारों की तैयारियों में जुटी है.
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