Report: Pradeep bansal
Goghatpur Panchayat Investigation गोघटपुर ग्राम पंचायत में स्वच्छता परिसर निर्माण के नाम पर 4 लाख 90 हजार रुपए के भुगतान का मामला जांच के घेरे में है। ग्रामीणों की शिकायत, सीएम हेल्पलाइन और समाचार प्रकाशन के बाद मंगलवार को जिला पंचायत की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, पंचायत सचिव की गैरमौजूदगी में ही जांच पूरी कर पंचनामा तैयार कर लिया गया। ऐसे में जांच की प्रक्रिया और उसकी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जांच टीम ने निर्माणाधीन स्वच्छता परिसर का निरीक्षण किया। मौके पर कुछ कमियां मिलने पर सरपंच योगेश गुप्ता को स्वीकृत ड्राइंग के अनुसार निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। टीम ने पंचायत में श्मशान घाट की क्षतिग्रस्त दीवार का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा भगोरा ग्राम पंचायत में भी जांच की गई।
निर्माण शुरू होने से छह माह पहले निकाल लिए 4.90 लाख रुपए
Goghatpur Panchayat Investigation ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, सरपंच योगेश गुप्ता और सचिव भेरूलाल कुंभकार द्वारा 29 अप्रैल को दो अलग-अलग भुगतानों के माध्यम से सामग्री के बिल लगाकर 4 लाख 90 हजार रुपए निकाल लिए गए थे। जबकि मौके पर स्वच्छता परिसर का निर्माण करीब छह माह बाद शुरू हुआ। ग्रामीणों ने भुगतान और निर्माण कार्य के बीच समय के अंतर को लेकर जिला पंचायत और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी।
सचिव की गैरमौजूदगी में जांच, भुगतान का कितना हुआ परीक्षण?
Goghatpur Panchayat Investigation इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस पंचायत में भुगतान और निर्माण की समयावधि को लेकर शिकायत हुई, वहां सचिव की अनुपस्थिति में जांच के दौरान भुगतान से जुड़े दस्तावेजों, सामग्री खरीदी के बिल और मौके पर सामग्री के वास्तविक उपयोग का कितना परीक्षण किया गया।
उल्लेखनीय है कि सचिव भेरूलाल कुंभकार वर्तमान में निलंबित हैं। वे भगोरा पंचायत में पदस्थ रहे हैं और उनके पास गोघटपुर पंचायत का प्रभार भी है।
जांच अधिकारी ने नहीं दिया जवाब
Goghatpur Panchayat Investigation जांच के संबंध में जिला पंचायत की टीम में शामिल अधिकारी आरसी गौतम से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया। गोघटपुर पंचायत का नाम सुनते ही उन्होंने फोन काट दिया। इसके बाद कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं जनपद पंचायत सीईओ रणजीत रघु ने बैठक में होने की बात कही।
सरपंच बोले- निर्माण कार्य जारी है
सरपंच योगेश गुप्ता के अनुसार, जिला पंचायत की टीम पंचायत में जांच के लिए पहुंची थी। टीम ने स्वच्छता परिसर का फ्लश टैंक अंदर बनाने की बात कही है। फिलहाल निर्माण कार्य जारी है। जांच टीम पंचनामा तैयार कर अपने साथ ले गई है।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
ग्रामीणों की शिकायत भुगतान की तारीख, निर्माण शुरू होने की अवधि और राशि के उपयोग से जुड़ी है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच केवल निर्माण स्थल के निरीक्षण तक सीमित रही या भुगतान से संबंधित दस्तावेजों और सामग्री की खरीदी की भी पड़ताल की गई। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


