US Midterm Elections 2026: अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मध्यावधि यानी मिडटर्म चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। शुरुआती परिणामों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े पिया डंडिया, सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने अपने-अपने चुनावी मुकाबलों में जीत हासिल की है। इन नतीजों के साथ अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की मौजूदगी और मजबूत हुई है।
इनमें पिया डंडिया ने फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीता, जबकि सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया की अपनी सीट बरकरार रखी। वहीं, अरुणा मिलर मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर दोबारा चुनी गई हैं।
US Midterm Elections 2026: पिया डंडिया ने फ्लोरिडा में दर्ज की जीत
भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता पिया डंडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और मरीन कॉर्प्स के पूर्व सैनिक केसी असकर को हराया। इस जीत के साथ पिया अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली भारतीय मूल की नई नेताओं में शामिल हो गई हैं।
चुनाव परिणामों के अनुसार, पिया डंडिया को करीब 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी केसी असकर को लगभग 48.1 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। यह मुकाबला काफी करीबी रहा।
पिया डंडिया के माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बस गए थे। राजनीति में आने से पहले वह शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी रही हैं और हाई स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्होंने कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से एक स्कूल की स्थापना भी की थी। उनकी चुनावी मुहिम में शिक्षा, आर्थिक अवसर और आम लोगों की जीवन-यापन से जुड़ी चुनौतियां प्रमुख मुद्दे रहे।
US Midterm Elections 2026: सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया में सीट बरकरार रखी
भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता सुहास सुब्रमण्यम ने भी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में जीत हासिल की है। वह वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए हैं। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को चुनाव में पीछे छोड़ दिया।
चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, सुहास सुब्रमण्यम को करीब 63 प्रतिशत वोट मिले, जबकि डेव बेकविथ को लगभग 35 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। इस जीत के साथ सुब्रमण्यम अमेरिकी कांग्रेस में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करेंगे।
40 वर्षीय सुहास सुब्रमण्यम इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं। उनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं। सुहास ने सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में भी हिस्सा लिया है। उन्होंने हरिकेन कैटरीना से प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए स्वयंसेवकों को संगठित करने में मदद की थी।
US Midterm Elections 2026: अरुणा मिलर मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर फिर चुनी गईं
भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता अरुणा मिलर ने भी मैरीलैंड में जीत हासिल की है। वह राज्य की लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर दोबारा चुनी गई हैं। अरुणा मिलर ने डेमोक्रेटिक पार्टी के गवर्नर वेस मूर के साथ चुनाव लड़ा था। दोनों ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के टिकट को हराकर एक और कार्यकाल हासिल किया है।
अरुणा मिलर के सामने रिपब्लिकन पार्टी की ओर से लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के उम्मीदवार रॉब क्रोप थे। वह पूर्व स्टेट डेलीगेट डैन कॉक्स के साथ चुनावी मैदान में उतरे थे। अरुणा की जीत से मैरीलैंड के राज्य प्रशासन में भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधित्व बना रहेगा।
अरुणा मिलर का जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ था। बाद में वह अमेरिका चली गईं और वहां राजनीति में अपनी पहचान बनाई। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खास तौर पर प्रवासी समुदायों से मतदान में हिस्सा लेने की अपील की थी। उन्होंने मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने और सरकार को जवाबदेह बनाने का आग्रह किया था।
US Midterm Elections 2026: अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती मौजूदगी
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के शुरुआती नतीजों में पिया डंडिया, सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर की जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए अहम मानी जा रही है। इन नेताओं ने अलग-अलग राज्यों में चुनाव जीतकर अमेरिकी राजनीति में अपनी जगह मजबूत की है।
हालांकि, देशभर में कई अन्य चुनावी मुकाबलों के नतीजे भी सामने आने बाकी हैं। ऐसे में भारतीय मूल के दूसरे उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर भी नजर बनी हुई है। मिडटर्म चुनाव के नतीजे अमेरिकी कांग्रेस में राजनीतिक दलों की स्थिति और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के बाकी दो वर्षों की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


